जानिए आजकल क्या कर रहे हैं रामायण के श्रीराम?
[विवेक शुक्ला] ‘जयश्रीराम' का अभिवादन सुनते ही वे सकपका जाते हैं। जवाब नहीं देते। अलबत्ता हल्की सी मुस्कान बिखरते हैं। सवाल का जवाब ‘हां' या ‘ना' में ही देना पसंद करते हैं। हां, जब उन्हें हमने कुरेदा तो वे खुले। हम बात कर रहे हैं देश के बेहद चर्चित सीरियल रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल की। वे सिटी ब्युटिफुल यानी चंडीगढ़ में एक निजी यात्रा पर हाल ही में आए थे।

अरुण गोलिव कहते हैं कि वे करीब 9-10 सालों से कोई एक्टिंग नहीं कर रहे। न कोई सीरियल और न ही कोई फिल्म। एक तरह से अभिनेता धर्म का निर्वाह नहीं कर रहे। सिर्फ प्रोडक्शन कर रहे हैं। हमारी अपनी एक टीवी कंपनी है, जो कार्यक्रम बनाती है दूरदर्शन के लिए मुख्य रूप से। अरुण गोविल कहते हैं कि उन्हें रामायण के बाद कभी कोई कायदे का काम ही नहीं मिला। उन्हें लोगों ने राम से ज्यादा कुछ भी सोचने से इंकार कर दिया। नतीजा यह हुआ कि उनका एक्टिंग का करियर खत्म हो गया।
उनकी बातों में पीड़ा छिपी थी। उसके उनके चेहरे से पढ़ा जा सकता था। उन्होंने बताया कि रामानंद सागर ने मुझे सबसे पहले सीरियल 'विक्रम और बेताल' में राजा विक्रमादित्य का रोल दिया। इसकी सफलता के बाद 1987 में 'रामायण' में भगवान राम का रोल मिला।
भगवान राम की छवि से बाहर नहीं निकल पाये
वे मानते हैं कि वे भगवान राम की छवि से बाहर नहीं निकल पाए हैं। भले ही 'रामायण' को लगभग तीन दशको हो गए हों आए हुए पर अरुण गोविल टीवी के राम के रूप में ही पहचाने जाते हैं।
अरुण ने बताया कि अब भी कई जगह उन्हें देखकर लोग हाथ जोड़ने लगते हैं। वे मानते हैं कि उन्हें राम बनकर जो सफलता मिली वह किसी अन्य टीवी सीरियल या फिल्म से नहीं मिल सकी। वे मूल रूप से मेरठ से संबंध रखते हैं। मेरठ कालेज में पढ़ते हुए ही उन्हें एक्टिंग में करियर बनाने का जुनून सवार हो गया था। जिसके बाद वे मुंबई आ गए।
बच्चों पर कोई दबाव नहीं
अरुण ने फिल्मों में भी काम किया है। उनकी पहली फिल्म 1977 में आई थी। नाम था 'पहेली'। उन्होंने 'सावन को आने दो','सांच को आंच नहीं', और 'इतनी सी बात' , 'हिम्मतवाला' , 'दिलवाला', 'हथकड़ी' और 'लव कुश' जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों में अहम भूमिका निभाई है।
अरुण ने 'लव कुश', 'कैसे कहूं', 'बुद्धा' , 'अपराजिता', 'वो हुए न हमारे' और 'प्यार की कश्ती में' जैसे कई पॉपुलर टीवी सीरियल्स में काम किया है। चलते-चलते उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र अमल या पुत्री सोनिका पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया कि वे कौन सा करियर अपने लिए चुने।


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