India's Ultimate Warrior Review: रियल योद्धा बनने का जांबाज सफर, अक्षय कुमार बने स्टंट मास्टर
शो- इंडियाज अल्टीमेट वॉरियर, एपिसोड- 3
होस्ट- विद्युत जामवाल, 16 कंटेस्टेंट
चैनल, ओटीटी- Discovery+
निर्देशक-सैम ब्राउन

जब भी कोई शो किसी खिलाड़ी नहीं बल्कि योद्धा की तलाश करता है तो उस पर खरे उतरना आग में हाथ डालने के समान है। इंडियाज बेस्ट वाॅरियर की खोज करने का जिम्मा डिस्कवरी + ने बखूबी उठाया है। टीवी पर खतरों से खेलते हुए कई रियलिटी शो प्रसारित किए जा चुके हैं। जहां पर जोखिम और एंटरटेनमेंट को एक तराजू में रखा जाता है। विद्युत जामवाल के शो इंडियाज बेस्ट वाॅरियर में योद्धा का हर कदम दर्शकों को हर फ्रेम में महा युद्ध दिखाता है। संयम भय और हर पड़ाव पर बतौर योद्धा खुद को जीवित रखने का हौसला इस शो की सबसे बड़ी यूएसपी है।
तकरीबन डेढ़ घंटे का यह एपिसोड 16 वाॅरियर का जव्लंत सफर है। जहां पर असली फाइट मास्टर, बॅाक्सर, एथलीट के साथ कई तरह के बलशाली कौशल से निपुण 16 कंटेस्टेंट, मास्टर विद्युत जामवाल और 4 जाबांज कोच के साथ शो का आगाज होता है।पहले एपिसोड में खुद पर संयम की परीक्षा और दूसरे एपिसोड में कठिन हालात में दृढ़ निश्चय की कसौटी पर सभी कंटेस्टेंट को उतरना पड़ता है।
पहले एपिसोड के बाद से यह सभी कंटेस्टेंट नहीं बल्कि आपको स्क्रीन पर दिखाई देंगे सिर्फ योद्धा। रियल लोकेशन पर एक कैंप में रहकर चार कोच के मार्गदर्शन के साथ हर एपिसोड में 2 योद्धा का सफर टास्क के आधार पर खत्म किया जाता है। तीसरे एपिसोड तक 16 में से 12 योद्धा गुणों की परीक्षा देने आगे बढ़ते हैं। विद्युत जामवाल बखूबी मास्टर होने की भार निभाते हुए हर एपिसोड में 2 योद्धा का एलिमिनेशन करते हैं। विद्य़ुत रियल दिखाई पड़ते हैं जैसे कि इस तरह के शो से उम्मीद की जाती है
ऐसे में जब बारी तीसरे एपिसोड की आती है तो गेस्ट मास्टर के तौर पर खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार की हेलीकॉप्टर में एंट्री होती है।अक्षय अपने साथ 2 वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट लेकर आते हैं। अक्षय यह बताते हैं कि कैसे 12 से अधिक फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद उन्हें उनकी मां ने सतत प्रयास करने और खुद का फोकस नहीं हटाने की सीख दी। उन्होंने ऐसा किया और खुद की खास जगह बना ली।
इन सभी योद्धा के बीच अक्षय कुमार सुपरस्टार नहीं बल्कि मार्शल आट्स में माहिर खिलाड़ी दिखाई पड़ते हैं। वह रस्सी के सहारे हवा में कई फीट ऊंचा लटकने का खतरनाक स्टंट दिलेरी से करते हैं। फोकस टास्क के दौरान इन सभी योद्धाओं का दिलेरी भरा टास्क ऐसा जकड़ कर रखता है कि विद्युत जामवाल हो या अक्षय कुमार कोई दूसरा बड़ा चेहरा इन सभी योद्धाओं के सामने फिका नजर आता है। अक्षय के साथ सभी योद्धा अपने कौशल का परिचय उनके साथ मुकाबला कर देते हैं।
रस्सी के सहारे खुद को पहाड़ और झरने के बीच लटकाने के टास्क में अक्षय योद्धाओं को गुरु की तरह हौसला और मार्गदर्शक करते हुए दिखाई देते हैं। इसके बाद अक्षय किसी को शो से बाहर करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। हाथापाई के मुकाबले में फिर से योद्धाओं की परीक्षा लेते हैं अक्षय।
कुश्ती, पहाड़ चढ़ान, चाकूबाजी, बल की परीक्षा करते हुए योद्धाओं का यह सफर आपको इंसान के सफल जीवन जीने का मंत्र भी देता है। जैसा कि खुद विद्युत जामवाल दूसरे एपिसोड के अंत में कहते हैं कि अतीत जो सिखाए सबक, भविष्य जो आजमाए सबक। बिना किसी ड्रामा के योद्धाओं के विजेता बनने की गाथा है ये शो। Filmibeat Hindi फिल्मीबीट की तरफ से इस शो के 3 एपिसोड के आधार पर 3 स्टार रेटिंग। हालांकि कमी इस बात की खलती है कि इन सभी खिलाड़ियों के चुनाव के साथ उनके सफर पर अधिक रोशनी नहीं डाली गई है। साथ ही चार लाजवाब कोच के हुनर और ट्रेनिंग को कुछ मिनट में बटोर दिया गया है।


Click it and Unblock the Notifications













