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क्राइम पेट्रोल- कैसे नौकरी बनी निर्दोष औरत के खून की वजह!

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क्राइम पेट्रोल एपिसोड 11 ओर 12 अक्टूबर- अब्बास जो कि एक कपड़े की दुकान चलाता है 27 अगस्त 2013 की शाम को अपने घर से दुकान के लिए निकलता है। उसके घर पर उसकी पत्नी और तीन साल का बेटा राजू है। साथ ही उनके घर पर काम करने वाली नौकरानी वंदना भी अपने निर्धारित समय पर घर पर आई। अचानक 11:20 पर दो आदिमियों ने घर का दरवाजा खटखटाया। उसके बाद करीब 15 मिनट बाद 11:45 पर वंदना ने अपने मालिक अब्बास को फोन करके तुरंत घर पर बुलाया। जब अब्बास घर पर पहुंचा तो उसे उसकी पत्नी नुपुर की लाश मिली, उसका बेटा कहीं नहीं था और उसकी नौकरानी वंदना हादसे से काफी शॉक्ड थी।

अब्बास ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने आने के बाद पूरे घर की छानबीन की। अब्बास की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो कुछ बोल सके। लेकिन उसकी नौकरानी वंदना से पुलिस ने इनवेस्टिगेशन करनी शुरु की। वंदना ने बताया कि दो लोगों ने घर का दरवाजा खटखटाया और वो घर के अंदर आने के बाद सीदे नुपुर के कमरे में घुस गये। वंदना पर उन्होंने बंदूक साध रखी थी जिससे वो शोर ना मचा सके। थोड़ी देर बाद कमरे से आदमी बाहर आया उसके हाथों में राजू बेडशीट में बंधा हुआ था। उन्होंने कमरे से सारे गहने और कैश निकाल लिया था। साथ ही दोनों आदमियों ने घर में रखे सारे मोबाइल फोन भी ले लिये थे। उन्होने वंदना से कहा कि वो अपने मालिक को फोन करके कहे कि अगर राजू को वापस पाना है तो 25 लाख रुपये उन्हें दे दे।

दिनदहाढ़े इस खून के बारे में पड़ोसियों को भी कुछ खबर नहीं थी। क्योंकि उन्हें किसी के भी चीखने या चिल्लाने की आवाज नहीं सुनाई दी थी। किसी ने भी अब्बास के घर से दो लोगों को निकलते हुए भी नहीं देखा था। नुपुर की बॉडी का पोस्टमॉर्टम होने के बाद पता चला कि उसकी दम घोटकर हत्या की गयी है और उसके बाद उसे चाकू भी मारा गया और फिर उसे जहर का इंजेक्श्न भी दिया गया ताकि वो किसी भी तरह से बच ना पाए। इसके साथ ही उसके खून से क्लोरोफॉर्म के कुछ सैंपल भी मिले। जिससे ये अंदाजा हुआ कि क्लोफॉर्म के जरिये नुपुर और उसके बच्चे को बेहोश कर दिया गया था ताकि दोनों किसी तरह का शोर ना मचाएं।

नुपुर के पिता ने दिये अब्बास को 45 लाख रुपये

नुपुर के पिता ने दिये अब्बास को 45 लाख रुपये

अपराधियों द्वारा घर से चुराए गये मोबाइल फोन्स के बारे में अब्बास ने बताया कि वो मोबाइल फोन्स उसकी रिपेयरिंग की शॉप के थे जिन्हें वो ठीक करने के लिए घर पर लाया था। लेकिन उसकी मोबाइल रिपेयरिंग की शॉप चार महीने पहले ही बंद हो चुकी थी। और अब अब्बास अपने ससुर यानी नुपर के पिता जी के दिये 45 लाख रुपयों से कपड़े का बिजनेस करने लगा था। अब्बास से अपराधियों ने पूरे 25 लाख रुपये की मांग की है लेकिन अब्बास अपने ससुर द्वारा दिये गये पैसे तो अपनी दुकान में लगा चुका था।

अब्बास के माता पिता कभी घर नहीं आते

अब्बास के माता पिता कभी घर नहीं आते

पुलिस ने पता लगाया और उन्हें पता चला कि नुपुर के पिताजी पंकज झा और उनकी पत्नी गायत्री झा अक्सर अब्बास के घर आते जाते रहते थे। लेकिन अब्बास के पिता बहुत ही कम घर पर आते थे। पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें काफी समय बाद पता चला कि अब्बास और नुपुर की लव मैरिज है और दोनों की इंटरकास्ट मैरिज भी है। पुलिस को शक होता है कि क्या यही वजह है जिसके चलते नुपुर का कत्ल हुआ और राजू का किडनैप हुआ। लेकिन बिना सबूत पुलिस भी कुछ कर सकने में नाकाम है।

अब्बास को आया किडनैपर का फोन

अब्बास को आया किडनैपर का फोन

तभी अब्बास को एक किडनैपर का फोन आता है जो कि फिर से अब्बास से 25 लाख रुपये की मांग करता है। ये फोन अब्बास को नुपुर के फोन सा आता है। पुलिस को शक होता है कि इस घटना के पीछे किसी करीबी का हाथ है जो कि अब्बास और उसके घर के बारे में सबकुछ जानता था। क्राइम ब्रांच वंदना को शक के घेरे में रखती है साथ ही अब्बास पर भी पुलिक को शक होता हैा।

अब्बास नुपुर की लव मैरिज

अब्बास नुपुर की लव मैरिज

जब पुलिस अब्बास और नुपुर के पास्ट के बारे में पता करती है तो पता चलता है कि अब्बास के पिता रसूल मोहम्मद और नुपुर के पिता पंकज झा एक दूसरे के काफी अच्छे दोस्त थे और धनबाद में रहते थे। नुपुर और अब्बास बचपन से ही एक दूसरे के साथ ही थे। बचपन की दोस्ती धीरे धीरे प्यार में बदल गया लेकिन जब घरवालों को पता चला तो पहले तो उन्होंने इसका विरोध किया क्योंकि दोनों के परिवार वालों के धर्म अलग अलग थे।

अब्बास और नुपुर के पेरेंट्स तैयार हुए शादी को

अब्बास और नुपुर के पेरेंट्स तैयार हुए शादी को

लेकिन जब अब्बास और नुपुर ने अपने परिवार वालों का विरोध किये बिना ही उनका कहना मान लिया बस उन्होंने कहा कि वो किसी और से शादी नहीं करेंगे। लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के परिवार वालों को ये आभास हुआ कि अब्बास और नुपुर को भी अपने तरीके से जीवन जीने का हक है तो उन्होंने दोनों की शादी करा दी। इसके बाद पुलिस को लगा कि इसमें किसी परिवार वाले का हाथ नहीं हो सकता। लेकिन ये चोरी का केस भी नहीं लग रहा था। क्योंकि जिस तरह से नुपुर का खून किया गया उससे यही लग रहा था कि अपराधी ने ये सबकुछ नुपुर को खत्म करने के लिए ही किया। लेकिन वंदना को क्यों छोड़ दिया गया ये किसी को समझ नहीं आ रहा था।

अपराध में तीसरे अपराधी कि एंट्री

अपराध में तीसरे अपराधी कि एंट्री

तभी पलिस का खबरी ये इनफोर्मेशन देता है कि इस घटना में किसी चौथे का भी हाथ है। दो अपराधियों के स्केचेस बनाए जाते हैं जिन्हें एक कारपेंटर द्वारा पहचान लिया जाता है। वो कारपेंटर बताता है कि उनके साथ कोई तीसरा भी था जो कि हेलमेट में था। वहां से क्राइम ब्रांच को एक और लीड मिलती है जिसके जरिये वो अब्बास के घर के तीन गलियों को छोड़कर बैठने वाले पान वाले के पास पहुंचते हैं। वहां से पता चलता है की तीसरा बंदा शिवराज है जो कि अब्बास की दुकान में काम करता था।

शिवराज ने कबूल किया अपराध

शिवराज ने कबूल किया अपराध

लेकिन राजू कहां ये पता नहीं चलता। अब्बास के एक्स इम्पलॉय शिवराज के साथ दोनों बाकी अपराधी भी पकडे़ जाते हैं। पकड़े जाने के बाद शिवराज आखिर में अपना गुनाह कबूलता है और बताता है कि वो अब्बास की फोन रिपेयर करने की शॉप पर उसके साथ काम करता था। लेकिन जब अब्बास ने वो दुकान बंद करके नयीं दुकान खोली तो उसने शिवराज को काम पर नहीं रखा। इससे शिवराज को बहुत बुरा लगा।

 शिवराज के घर लूट करने का फैसला

शिवराज के घर लूट करने का फैसला

शिवराज ने अब्बास के घर पर जाकर लूट पाट करने का फैसला किया। लेकिन अब्बास की पत्नी ने शिवराज को देख लिया इसलिए उसने उसे मार डाला। पुलिस ने इस केस के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। पुलिस ने माना कि शिवराज का गुस्सा अब्बास के प्रति जायज था लेकिन इसकी सजा उस मासूम नन्हीं सी जान और उसकी पत्नी को दी ये गलत था।

English summary
Crime Petrol this weekend will show a murder case of a women and kidnapping of a 3 years old child. Abbas wife Nupur was killed by some unknown men and also they kidnapped his 3 year child.They ask Abbas to gibe them 25 lac rupees to get his child back.
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