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Review : खाने के बहाने जिंदगी का स्वाद चखा गई शेफ.. लेकिन यहां नमक तेज हो गया

By: madhuri
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Chef Public Review | Saif Ali Khan | Padmapriya Janakiraman | Raja Krishna Menon | FilmiBeat
Rating:
3.0/5

डायरेक्टर : राजा कृष्णा मेनन

प्रोड्यूसर : भूषण कुमार, कृष्णन कुमार, राजा कृष्णा मेनन, विक्रम मल्होत्रा, जननी रविचंद्रन

लेखक : रितेश शाह, सुरेश नायर, राजा कृष्णा मेनन

क्या है खास : सैफ अली खान, स्वर काम्बले, सिनेमैटोग्राफी

क्या है बकवास : फिल्म कुछ जगहों पर कुछ ज्यादा ही स्लो हो जाती है और क्लाइमैक्स कुछ खास इंप्रेस नहीं कर पाता है।

कब लें ब्रेक : इंटरवल

शानदार पल : एक सीन जिसमें सैफ की एक्स वाइफ, क्लोज फ्रेंड मिलिंद सोमन हैं। इस सीन में शानदार कॉमेडी देखने लायक है।

प्लॉट

प्लॉट

रोशन कालरा (सैफ अली खान) एक न्यूयॉर्क स्थित आलीशान इंडियन रेस्टोरेंट में मिशेलिन थ्री-स्टार शेफ हैं। सैफ ऐसे शेफ हैं कि जब एक कस्टमर को उनका खाना पसंद नहीं आता है तो सैफ को गुस्सा आ जाता है और वो उसकी नाक पर घूसा जड़ देते हैं।

जहां एक तरफ हर किसी का कहना है कि रोशन अपने हाथों का मैजिक खो चुका है, वहीं दूसरी तरफ रोशन ये सच्चाई मानने से इनकार कर देता है। आखिरकार बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है।

इसी बीच विनी (शोभित धूलिपाल) जो रोशन का अच्छा दोस्त और एक्स- कलीग है, रोशन को उसकी एक्स वाइफ राधा (पदमप्रिया जानकीरमण) और बेटे अरमान उर्फ आरी से मिलने के लिए कनविंस करता है। ये दोनों कोच्चीन में रहती हैं।

बाकी की फिल्म सैफ और उसके बेटे की बीच मिटती दूरियां और जिंदगी बदलने वाली ट्रिप के ईर्द-गिर्द घूमती है।

निर्देशन

निर्देशन

राजा कृष्णा मेनन की ये फिल्म एक बेहतरीन डिश से कम नहीं है। खाने के बहाने ये फिल्म जिंदगी के कई पहलुओं को छूती हुई दिखती है। ये फिल्म जिंदगी की उलझनें, असफल शादी, टूटा हुआ बाप बेटे का रिश्ता और सिंगल पेरेंटिंग से जुड़े पहलुओं को दिखाती है।

सैफ अली खान की ये फिल्म 2014 में आई जॉन फैव्रो की शेफ की हिंदी रीमेक है। एक तरफ हमें बॉलीवुड में इस तरह की फिल्में ज्यादा देखने को नहीं मिलतीं वहीं शेफ एक हटके कॉन्सेप्ट और बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ कुछ नया लेकर आई है।

दूसरी तरफ लेखन में कहीं-कहीं चूक भी मालूम होती है। पूरी कहानी ठीक से समझाने के बाद सैफ का फूड-ट्रैक चलाने का डिसीजन जल्दबाजी में समझाया गया है।

फिल्म में सैफ के तलाक तक की कहानी महज एक गाने के जरिए जल्दी-जल्दी बता कर छोड़ दी गई है। और तो और फिल्म के अधपके से क्लाइमैक्स ने इस बेहतरीन स्वाद वाली फिल्म का मजा खराब किया है।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

फिल्म में सैफ बेहतरीन लगे हैं। एक मिडिल एज और तलाकशुदा आदमी के किरदार को सैफ ने खूबसूरती से निभाया है। इस फिल्म में उनकी एक रिफ्रेशिंग परफॉर्मेंस देखने को मिली है।

राधा के किरदार को अभिनेत्री पदमप्रिया ने बेहद शानदार तरीके से निभाया है। स्वर काम्बले भी काफी टैलेंटेड हैं। वहीं फिल्म में चंदन रॉय सानयाल ने मस्ती-मजाक का मजेदार तड़का लगाया है।

और हां, इस फिल्म में तीखे और स्वादिष्ट दिखने वाले मिलिंद सोमन का सेक्सी अवतार देखकर सभी फीमेल फैंस तो पागल ही हो गईं। फिल्म में कुछ देर तक ही दिखने वाले मिलिंद आपको स्क्रीन पर चिपकाए रखेंगे।

तकनीकि पक्ष

तकनीकि पक्ष

छोले-भटूरे, टमाटर की चटनी, इडियप्पम, पास्ता से लेकर लंगर के खाने तक इस फिल्म ने सबके टेस्ट बड्स को खूब रिझाया।

प्रिया सेठ की सिनेमैटोग्राफी केरला को बेहद खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है। बेहरीन विजुवल्स के मामले में फिल्म बाजी मार ली है। वहीं पनिकेर की एडिटिंग कुछ और बेहदतर हो सकती थी।

म्यूजिक

म्यूजिक

फिल्म के गाने शुगल लगा ले को छोड़कर कोई भी ट्रैक कुछ खास इंप्रेस नहीं कर पाता।

वर्डिक्ट

वर्डिक्ट

सैफ अली खान की ये फिल्म आपको जॉर्ज बर्नाड के उस कोट की याद दिलाएगी जिसमें उन्होंने कहा था कि खाने को लेकर प्यार से बड़ा कोई और प्यार नहीं है। शेफ में आपको लाइफ के परफेक्ट मसाले मिलेंगे। हां कभी-कभी कुछ नमक ज्यादा-कम मिल जाएगा लेकिन आपको पूरी फिल्म किसी बेहतरीन दिखने वाली स्वादिष्ट डिश से कम नहीं लगेगी।

English summary
saif ali khan movie chef review plot and rating
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