सड्डा अड्डा में 84 घोस्ट
आज फिल्मी पर्दे पर अलग अलग तरह की तीन फिल्में आपका मनोरंजन करने आईं हैं। सड्डा अड्डा, चालीस चौरासी और घोस्ट, सड्डा अड्डा सपनो को पूरा करने की कहानी है तो घोस्ट आपको डरा देगी, हंसने के लिए चालीस चौरासी है जो पुलिस वालों की कहानी है।
सड्डा अड्डा | घोस्ट | चालीस चौरासी
हम बात करते हैं सड्डा अड्डा की करणवीर शर्मा, रोहिन रॉबर्ट, भौमिक सम्पत, कुणाल पंत, रोहित अरोरा, शौर्या चौहान जैसे कई नई चेहरे बॉलीवुड में दिखाई देंगे। हमारे आस पास कई लोग ऐसे होते हैं जो अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते हैं क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास नहीं होता। इस बात को ध्यान में रख कर फिल्म 'साड्डा अड्डा' बनाई गई है।
फिल्म की पूरी कहानी दिल्ली और इसके आस पास ही फिल्मायी गई है। दिल्ली एक ऐसा शहर है जहां उत्तरी भारत से हजारों की संख्या में युवा आते हैं क्योंकि इस शहर में जो अवसर हैं वो उनके शहर में नहीं हैं। अलग अलग प्रदेशों से आए छ: लड़के दो बीएचके के एक अपार्टमेंट में साथ रहते हैं। जो स्वभाव में पूरी तरह से अलग हैं। इनके अपार्टमेंट को साड्डा अड्डा पुकारा जाता है।
साड्डा अड्डा पर चारों ओर सिगरेट के बचे हुए टुकड़े, बीयर की खाली बोतलें, मैले कपड़े बिखरे हुए मिलेंगे। इनके बीच वे खाना पकाते हैं, किराया चुकाते हैं, रोते हैं, खुश होते हैं और लड़ते हैं। जरूरत पड़ती है तो एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं। यह उनकी सफलता कि कहानी है कि किस तरह वो अपने सपने पूरे करने में कामयाब होते हैं यही है फिल्म का सार। इसे हमारी ओर से 2.5 स्टार।
शाइनी आहूजा और सयाली भगत की फिल्म 'घोस्ट' एक हॉरर मूवी है जिसमें अच्छाई और बुराई को डर, रहस्य और रोमांच के साथ दिखाया गया है। शाहर के अस्पताल में कई हत्याएं हो जाती हैं। लोगों को मारने के लिए एक खास किस्म की पद्धति को अपनाया गया है। हत्यारा कोई सबूत नहीं छोड़ता।
अस्पताल में काम करने वाली डॉ सुहानी को समझ नहीं आ रहा कि कैसे इन हत्याओं को रोका जाए। अब यह केस ऑफिसर विजय सिंह के पास जाता है।
यहां से शुरू होता है शाइनी का काम वो बड़ी ही होशियारी से सारी जानकारी इकठ्ठा करता है और डॉ सुहानी से पूछताछ करता है। इस दौरान दोनों नजदीक आ जाते हैं। हत्यारा क्रूरतापूर्वक हत्याएं कर रहा है और इसे रोक पाने में विजय को सफलता नहीं मिलती है। कैसे वह इसमें सफल होता है यह फिल्म में दिखाया गया है। अगर आप चाहे तो इस फिल्म को स्किप भी कर सकते हैं। मेरी ओर से इसे 1.5 स्टार।
दो मझे हुए कलाकार नसीरुद्दीन शाह, केके मेनन, के साथ चालीस चौरासी में रवि किशन, अतुल कुलकर्णी भी नजर आए। जो की पुलिस वाले है फिल्म का नाम उनकी ही गाड़ी का नंबर एम एच 02- ए 4084, से लिया गया है। ये चारो पुलिस वाले इस वैन पर सवार होकर एक गैंगस्टर को पकड़ने निकल जाते हैं। ताकि उनका भविष्य चमके। लेकिन इस गैंगस्टर को पकड़ने के चक्कर में वे कानून और अपराध की रेखा को कई बार पार करते हैं। यह एक औसत दर्जे की फिल्म है। हमारी ओर से इस फिल्म को 2 स्टार।


Click it and Unblock the Notifications











