दर्शकों के मनोरंजन के लिए हैं 'थैंक्यू'

निर्माता : यूटीवी मोशन पिक्चर्स
निर्देशक : अनीस बज्मी
रेटिंग : 2.5/5
समीक्षा : अनीस बज्मी की फिल्मों पर गौर करें तो वे दर्शकों के निर्देशक हैं। मतलब उन्हें मसाला फिल्में बनाने में मजा आता है। कुछ ऐसी ही कहानी थैंक्यू के रूप में भी दर्शकों के सामने है। मसाला फिल्मों को परोसते वक्त निर्देशकों के सामने प्रायः कहानी का तितर-बितर होना और भटकाव होना नजर आता है। या फिर पहले की कई फिल्मों की कहानी का मिश्रण भी दिखता है । थैंक्यू भी उससे अछूती नहीं है। सारे चेहरे, किरदार पुराने हैं। लेकिन इसके बावजूद कहानी में दर्शकों के लिए कुछ नयापन है, जो उन्हें कई जगह गुदगुदाने में मदद करता है।
फिल्म की शुरुआत में अनीस ने ग्राफिक्स के माध्यम से कास्टिंग प्रस्तुत करने की कोशिश की है। तीन दोस्तों की कहानी है। राज, विक्रम और योगी। तीनों शादीशुदा हैं। और अपनी बीवियों से प्यार तो करते हैं लेकिन वे अपनी एक आदत से मजबूर हैं। उन्हें अपनी बीवियों के साथ-साथ बाहर लड़कियों से फ्लर्टिंग करने में दिलचस्पी है। इस बात से सारी बीवियां अनजान होती हैं। इसी क्रम में उनकी जिंदगी में एक अनजाना व्यक्ति आता है जो उनकी समस्याओं का सामना करता है.. किशन।
किशन के जिंदगी में आने के बाद सभी अलग अंदाज में अपने अपने पतियों को मजा चखाती हैं। कहानी में कैसे, किससे और कहां सभी किरदारों को आपस में मिलाती है। यही फिल्म का खास हिस्सा है। फिल्म में अक्षय ने किशन के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई है। फिल्म के संवाद कहनी के अनुसार सटीक लिखे गये हैं। खासतौर से इरफान खान अपने अंदाज में बेहतरीन अदाकारी कर जाते हैं। गीतों में सारे गाने डीजे डांस के लिए बेहतरीन कलेक्शन हैं। रजिया गुंडों में फंस गयी .दर्शकों को झूमने के लिए प्रेरित करेगा।
लेकिन कहीं न कहीं फिल्म की कहानी नो एंट्री, मस्ती का मिश्रण है। इरफान खान और रिमी सेन ने एक अलग तरह के अंदाज में अपनी शादीशुदा जिंदगी को प्रस्तुत किया है। फिल्म में कुछ बातें आपत्तिजनक हैं। बहरहाल, बॉबी को फिर से बॉलीवुड में नये मौके मिल रहे हैं। जिन पर वह खरे उतने की कोशिश कर रहे हैं। फिल्म में सेलिना जेटली का किरदार बेहद कम नजर आया है। पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक्स के साथ असली मजा लेने के मूड में हो तो क्रिकेट का बुखार उतार कर इस फिल्म को जरूर देखें।


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