बेदम-बेमजा हैं लफंगे परिंदे

निर्माता : आदित्य चोपड़ा
निर्देशक : प्रदीप सरकार
संगीत : आर. आनंद
कलाकार : नील नितिन मुकेश, दीपिका पादुकोण
रेटिंग : 2.0/5
समीक्षा : बहुचर्चित कहें या बहुप्रतिक्षित निर्माता आदित्य चोपड़ा और निर्देशक प्रदीप सरकार की फिल्म लफंगे-परिंदे आज बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शित हो गई है। फिल्म के प्रमोशन में जितना प्रयास हो सकता था, उतना प्रयास किया गया। लेकिन फिल्म उम्मीद पर खरी नहीं उतरती है। फिल्म परिणीता के निर्देशक प्रदीप सरकार से उम्मीद की जा रही थी कि वो एक अच्छी फिल्म देंगे लेकिन उन्होंने निराश किया है। फिल्म की कहानी में नयापन नहीं है और न ही फिल्म का फिल्माकंन ऐसा है कि आपको लगे कि आप कोई नई मुंबईया फिल्म देख रहे है।
फिल्म की कहानी की मुख्य किरदार एक नेत्रहीन लड़की है जो सिर्फ कहने को नेत्रहीन हैं, उसको देखकर कहीं भी आपको एहसास नहीं होगा कि वो देख नहीं सकती है, क्योंकि हर वो काम बखूबी कर लेती है जिसे आंख वाले भी करने पर घबराये। फिल्म के डॉयलाग भी द्विअर्थी है जो बिल्कुल भी मनोरंजित नहीं करते बल्कि आपको ऊबाऊ लगेंगे।
हां दीपिका के कुछ स्केटिंग करते दृश्य हैं जो जरूर आपको अच्छे लगेगें। फिलहाल दीपिका को ये समझना होगा कि अगर उनको अभिनय जगत में रहना है तो उनको अभिनय करना होगा, वरना ग्लैमर के बल पर वो लंबी पारी नहीं खेल सकती हैं। रही बात फिल्म के नायक नील नीतिन मुकेश की बेहद अप्रभावी लगें हैं, न तो उनसे संवाद बोले जाते हैं और न ही उनकी बॉडी लैंग्वेज ही कुछ कहती हैं। फिल्म में वो लंफगे के किरदार में हैं जो हर वो काम करता है, जिसे शरीफ नहीं समझा जाता, पूरी फिल्म में नील दर्शकों को बेहद ही बोर करते हैं।
दीपिका-नील दोनों को ही ये बात समझ लेनी चाहिए कि दोनों के ही नाम में वो कशिश नहीं है, जो बॉक्स ऑफिस पर लोगों की भीड़ जमा कर सके। दोनों के इंटिमेंट सीन भी ऊबाऊ और जबरदस्ती के डाले हुए लगते हैं। फिल्म का संगीत औसत है, लेकिन लंबे समय तक याद नहीं रखा जा सकता है। आर आनंद ने कोशिश की है लेकिन वो भी पूरी तरह कामयाब नहीं पाये हैं। फिल्म का सब्जेक्ट तो अच्छा है लेकिन फिल्म का प्रेजेंटेशन बेहद कमजोर है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि फिल्म कमजोर है, आदित्य चोपड़ा ने दर्शकों को निराश किया है।
देखें : लफंगे-परिंदे की तस्वीरें
कहानी : नील नितिन मुकेश फिल्म में लंफंगे बनें हैं। वो आंख पर पट्टी बांधकर लोगों से बॉक्सिंग करता है। दीपिका पादुकोण को स्केट पहनकर डांस करने का शौक है और रियलिटी शो जीतकर नाम कमाना चाहती है। नील नितिन मुकेश के हाथों एक एक्सीडेंट हो जाता है, जिसकी वजह से दीपिका अंधी हो जाती हैं।
जिसके कारण नील दीपिकी की आंख बनने की कोशिश करता हैं, दीपिका के अंधे हो ने की वजह सिर्फ नील है ये बात सिर्फ नील को पता होती है,
लेकिन एक दिन उसका राज खुल जाता है और वह दीपिका की नजरों में गिर जाता है। किस तरह से दीपिका-नील एक होते हैं यही कहानी बैं लंफंगे-परिंदे की।


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