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ओ तेरी, राजनीती और मीडिया का झोल- फिल्म रिव्यू!

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(सोनिका मिश्रा) भारत देश में राजनीति और मीडिया के बीच मिलीभगत, एक को सत्ता का लालच तो दूसरे को पैसों और शोहरत का। कुछ यही आधार है अतुल अग्निहोत्री की आज रिलीज हो रही फिल्म ओ तेरी का। ओ तेरी फिल्म में पुलकित सम्राट और बिलाल अमरोही ने मुख्य भूमिका निभाई है जहां एक ओर पुलकित सम्राट पूरी तरह से सलमान खान का अवतार नज़र आ रहे थे, वहीं बिलाल के किरदार में सोहेल खान की झलक दिखाई दी। फिल्म को कॉमेडी बनाने की काफी कोशिश की गयी यहां तक कि कॉमेडी के बेहतरीन एक्टर जैसे विजय राज को फिल्म में डाला गया। लेकिन विजय की कॉमेडी टाइमिंग को फिल्म में निर्देशक अच्छी तरह से यूज नहीं कर सके। वहीं मंदिरा बेदी और अनुपम खेर जैसे सीनियर और बेहतरीन अभनेताओं के होते हुए भी फिल्म में कोई भी सीन अच्छा नहीं बन सका।

फिल्म की कहानी दो रिपोर्टरों आनंद उर्फ एड्स (बिलाल अमरोही) और प्रताप उर्फ पीपी (पुलकित सम्राट) के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों एक नेशनल लेवल के रिपोर्टर बनने और जल्द से जल्द शोहरत पाने के लालच में खुद ही ऐसी ऐसी कहानियां शूट करके लाते हैं जो कि बहुत ही बेतुकी और बिना सिर पैर की होती हैं। कभी अदरक में भगवान तो कभी उस भगवान द्वारा दूध पीने की कहानी। इनकी उल जुलूल कहानियों से तंग आकर इनकी बॉस मोनसून (सारा देन डियास) इन्हें नौकरी से निकाल देती है। फिर पीपी और एड्स मिलकर किसी बड़े स्कैम को ढूंढने और अपनी नौकरी वापस पाने की कोशिश में शहर के सबसे बडे़ स्कैम (ब्रिज के टूटने) से टकरा जाते हैं और वहां से शुरु होती हैं इनकी मुसीबतें।

इस स्कैम में फंसने के बाद दोनों को महसूस होता है कि मीडिया का असली काम है लोगों तक सच पहुंचाना और दर्शकों को झूठ बोलकर उन्हें धोखा देकर मीडिया गलत करती है। आखिरकार पीपी और एड्स मिलकर पूरी दुनिया के सामने इस स्कैम का पर्दा फाश करते हैं और बन जाते हैं सबसे मशहूर जर्नलिस्ट।

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परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

ओ तेरी फिल्म में परफॉर्मेंस के नाम पर पुलकित सम्राट ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की अपने किरदार के साथ न्याय करने की। हालांकि वो पूरा वक्त सलमान खान से ही प्रेरित नज़र आए। इसके अलावा बिलाल ने भी अपनी पहली फिल्म के हिसाब से अच्छी कोशिश की। अनुपम खेर एक राजनेता के किरदार में अच्छे लगे। मंदिरा बेदी काफी खूबसूरत और अपने छोटे से किरदार के साथ न्याय करती नज़र आईं। सारा जेन डियास बिना किसी एक्सप्रेशन के सिर्फ डायलॉग बोलती नज़र आईं। विजय राज ने कुछ सीन्स काफी बेहतरीन दिये खासतौर पर उनका गालियों के साथ एक्सपेरिमेंट मजेदार था।

संगीत

संगीत

फिल्म में कई गाने जबरदस्ती डाले हुए प्रतीत हुए। गानों और सीन्स के बीच किसी तरह का कोई तालमेल नहीं नज़र आया। कभी भी किसी भी सीन सिचुएशन के बीच में गाने आ जाते। हालांकि फिल्म का आखिरी टाइटल सॉंग फिल्म की एकमात्र यूएसपी रही। सलमान खान का मुस्कुराना और उनका डांस परफॉर्मेंस जाते जाते दर्शकों को कुछ यादगार दे गया।

डायलॉग

डायलॉग

फिल्म में वैसे तो कुछ खास डायलॉग नहीं हैं। हालांकि अनुपम खेर ने बतौर राजनेता कुछ राजनीती और मीडिया, युवा लोगों को लेकर कुछ डायलॉग बोले हैं जो अच्छे बन पड़े हैं।

निर्देशन

निर्देशन

निर्देशन के मामले में ओ तेरी बहुत ही ढीली फिल्म रही। फिल्म में दो दृष्यों के बीच, दृष्यों और गानों के बीच किसी भी तरह का कोई तालमेल नज़र ही नहीं आ रहा था। एडिटिंग भी कुछ खास नहीं लगी। सीन्स को शूट करते समय लोकेशन, आस पास के लोगों का कोई ध्यान नहीं रखा गया। कॉंटीन्यूटी में कई जगह कमिया नज़र आईं।

इमोशन- कॉमेडी, एक्शन

इमोशन- कॉमेडी, एक्शन

ओ तेरी को देखकर कहा जा सकता है जाते थे जापान पहुंच गये चीन.. कुछ यही हाल था। शुरुआत में लगा कि फिल्म को कॉमेडी बनाने की कोशिश की गयी थी लेकिन कॉमेडी सीन्स कुछ खास नहीं नज़र आए। उसके बाद पुलकित और बिलाल के कुछ एक्शन सीक्वेंस थे जो कि ओवर लेकिन ठीक थे। इमोशनल सीन्स कुछ ज्यादा नहीं थे।

English summary
O Teri movie revolves around PP (Pulkit Samrat) and Aids (Bilal Amrohi).Both are reported and in attempt to achieve the success and money in short period of time they get into biggest scam of the city. O Teri movie shows how in India Media and Politics uses each other to get money and success.
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