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    Review - न्यूटन का दमदार संदेश..लोकतंत्र सिर्फ बुलेट-बटन तक नहीं..

    By Shweta
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    कास्ट- राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी, रघुवीर यादव

    डायरेक्टर - अमित मसुरकर

    प्रोड्यूसर - मनीष मुंद्रा

    लेखक - अमित मसुरकर, मयंक तिवारी

    शानदार पॉइंट - शानदार परफॉर्मेंस

    निगेटिव पॉइंट - फिल्म की धीमी रफ्तार

    शानदार मोमेंट - फिल्म में पंकज त्रिपाठी और राजकुमार राव के बीच संवाद

    प्लॉट

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    एक नौजवान और आदर्शवादी न्यूटन उर्फ नूतन कुमार (राजकुमार राव) किताबों पर चलने में विश्वास करता है। वो एक लड़की से शादी इसलिए नहीं करता क्योंकि वो अभी 18 साल की नहीं हुई है। सरकार उसे पीठासीन अधिकारी बनाकर छत्तीसगढ़ के पिछड़े इलाके में भेज देती है जहां माओवादियों से बेफिक्र है जो वहां किसी भी हाल में मतदान नहीं होने देना चाहते हैं।

    प्लॉट

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    लेकिन न्यूटन की सबसे बड़ी चिंता है कि वो गांव के 76 लोकल लोगों का वोट रजिस्टर करे। उसकी टीम में एक लोकर शिक्षिका माल्को (अंजली पाटिल), कर्ल्क (रघुवीर यादव) हैं। इन सबके बीच न्यूटन की ड्यूटी आत्मा सिंह (पंकज त्रिपाठी) के साथ लगती है जो सिक्योरिटी टीम का हेड है और न्यूटन की बातों को ज्यादा नहीं मानता। देखना ये है कि न्यूटन के लिए यह राह कितनी आसान होगी।

     डायरेक्शन

    डायरेक्शन

    अमित मसूरकर ने एक शानदार प्लॉट चुका है जिसमें न्यूटन पूरी कहानी बिना किसी तामझाम के बताता है लेकिन इसका आज के समय से संबंध जरूर है। एक एक मजबूत सामाजिक समीक्षा जरूर है। सच्चाई आपको शॉक्ड करेगी लेकिन आप कई जगहों सिर्फ हंसेंगे और फिल्म इंज्वॉय करेंगे।

    परफॉर्मेंस

    परफॉर्मेंस

    राजकुमार राव ने न्यूटन के किरदार को बखूबी निभाया है।उनकी आखों में भोलापन आपको प्रभावित करेगा। पंकज त्रिपाठी उर्फ आत्मा सिंह का व्यंग्य भी काफी मजेदार है। रघुवीर यादव भी अपने रोल में परफेक्ट लगे हैं। अंजली पाटिल भी स्क्रीन पर नैचुरल लगी हैं।

    तकनीकी पक्ष

    तकनीकी पक्ष

    फिल्म के रियल लोकेशन इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं लेकिन बदकिस्मती से इसकी धीमी रफ्तार हर किसी को पसंद नहीं आएगी।

     म्यूजिक

    म्यूजिक

    फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक काफी शानदार है। 'चल तू अपना काम कर ले' फिल्म के क्रेडिट में है जिसके लिरिक्स बहुत खूबसूरत हैं।

    Verdict

    Verdict

    इस फिल्म को देखना या ना देखना बिल्कुल आपके ऊपर है ।फिल्म में राजकुमार राव एक ऐसे इलाके में जाते हैं जहां बुलेट से अधिक बैलेट मजबूत है। यह फिल्म आपको बताएगा कि लोकतंत्र सिर्फ बूथ और बटन तक सीमित नहीं है।

    English summary
    Rajkummar Rao's Newton Movie Review Story Plot Rating.
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