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    Mili Movie Review: रोमांचक अनुभव देता है जान्हवी कपूर स्टारर ये 'चिलिंग' सर्वाइवल ड्रामा

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    Rating:
    3.0/5
    Star Cast: जाह्नवी कपूर, सन्नी कौशल, मनोज पहवा, हसलीन कौर, राजेश जैस
    Director: माथुकुट्टी ज़ेवियर

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    निर्देशक- माथुकुट्टी जेवियर
    कलाकार- जान्हवी कपूर, सनी कौशल, मनोज पाहवा, संजय सूरी

    "मिली हर दिन काम पर आते हुए मुझे देखकर मुस्कुराती थी, मुझे याद था कि मैंने शाम को उसकी मुस्कुराहट नहीं देखी है.." मॉल का वृद्ध गार्ड मिली (जान्हवी कपूर) के पिता से कहता है। फिल्म देखकर पता चलता है कि एक मुस्कान भी चमत्कार कर सकती है। 'मिली' एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो एक रात गायब हो जाती है और माइनस 17 ड्रिगी में लगातार 5 घंटों तक जिंदा रहने के लिए संघर्ष करती है। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह कहानी एक रोमांचक अनुभव है, लेकिन साथ ही कई सामाजिक मुद्दों को भी छूता है।

    अक्सर सर्वाइवर ड्रामा में विक्टिम को अलग थलग रहने वाला दिखाया जाता है। लेकिन यहां मिली एक मिलनसार लड़की है। घर, पड़ोस से लेकर जॉब तक, हर जगह वह लोगों की चहेती है। यही वजह होती है कि जब वह गायब होती है तो उसे कई लोग उसके लिए परेशान हो उठते हैं.. जिस वजह से कहानी में ज्यादा टेंशन क्रिएट होता है।

    कहानी

    कहानी

    देहरादून की मिली (जान्हवी कपूर) एक खुशमिजाज और मेहनती लड़की है, जो अपने पिता (मनोज पाहवा) के साथ रहती है। उनका एक मध्यम वर्गीय परिवार है, जो मां की बीमारी और निधन के बाद आर्थिक और भावनात्मक कठिनाइयों से जूझ रहा है। कर्ज चुकाने और अच्छे भविष्य का सोचकर मिली कनाडा जाने की प्लानिंग करती है। पिता और बेटी के बीच यहां निर्देशक ने जो खूबसूरत बॉण्ड दिखाया है, वह दिल छूने वाला है। मिली एक मॉल के फास्ट फूड ज्वॉइंट में पार्ट टाइम जॉब भी करती है। उसकी जिंदगी में सब सही चल रहा होता है, जब एक रात पुलिस मिली को उसके बॉयफ्रैंड समीर (सनी कौशल) के साथ ड्रंक एंड ड्राइव मामले में पकड़ लेती है। इस घटना के बाद मिली अपने पिता का सामना करने में हिचकिचाती है। वह अगले दिन देर रात तक जॉब पर ही रह जाती है और गलती से डीप फ्रीजर में फंस जाती है जिसका तापमान माइनस 17 डिग्री (-17) तक रहता है। फ्रीजर में बंद मिली जिंदा रहने के लिए हर संभव कोशिश करती है। वहीं, बाहर उसके पिता अपनी मिसिंग बेटी को ढूंढ़ने के लिए पुलिस के पास पहुंचते हैं। क्या मिली जिंदा रह पाती है? क्या पिता उसे ढूंढ पाते हैं? इसी के इर्द गिर्द घूमती है पूरी कहानी।

    अभिनय

    अभिनय

    जान्हवी कपूर ने हर फिल्म के साथ अपने अभिनय में निखार दिखाया है। 'मिली' की कहानी पूरी तरह से उन पर केंद्रित है और उन्होंने अपने किरदार के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की है। पिता की आदर्श बेटी हो या जुझारू युवा.. जान्हवी ने किरदार की हर छोटी से छोटी बात को गहनता से लिया है। खासकर सेकेंड हॉफ में जिंदा रहने की जद्दोजहद जान्हवी के अपने चेहरे पर बखूबी दिखाया है। फ्रीजर में उठाये गए मिली के हर कदम को आप महसूस करते हैं। वहीं, पिता बने मनोज पाहवा के साथ भी जान्हवी की केमिस्ट्री काफी प्यारी दिखी है। मनोज पाहवा शानदार कलाकार हैं और किसी भी किरदार में ढ़ल जाना उन्हें खूब आता है। बेटी को ढूंढने का उनका संघर्ष कहानी का दूसरा पक्ष है, जो आपको लगातार बांधे रखता है। मिली के बॉयफ्रेंड के किरदार में सनी कौशल ने अच्छा काम किया है। लेकिन यहां उन्हें अपने अभिनय का छाप छोड़ने का ज्यादा मौका नहीं मिला। वहीं, सहयोगी भूमिकाओं में संजय सूरी, राजेश जैस, विक्रम कोचर आदि ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है। जैकी श्रॉफ का कैमियो कोई प्रभाव नहीं छोड़ता है।

    निर्देशन व तकनीकी पक्ष

    निर्देशन व तकनीकी पक्ष

    निर्देशक माथुकुट्टी जेवियर की फिल्म एक लड़की के पांच घंटे तक जीवित रहने की संघर्ष की कहानी बताती है। बता दें, मलयालम में बनी ओरिजनल फिल्म 'हेलेन' का निर्देशन भी इन्होंने ही किया था। लिहाजा, मिली में इन्होंने ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की है। ये फिल्म भले ही सर्वाइवल ड्रामा है, लेकिन यहां निर्देशक कई तरह के मुद्दे को समेट लेते हैं। यहां जेनरेशन गैप से लेकर जातिगत भेदभाव और पितृसत्ता समाज की झलक देखने को मिलती है। फिल्म के पहले हॉफ में निर्देशक किरदार और कथानक को स्थापित करते हैं, जबकि सेकेंड हॉफ में फ्रीजर के अंदर और बाहर के संघर्ष को दिखाया गया है। कहानी काफी तेजी से आगे बढ़ती है, लेकिन कई जगह दोहराई सी भी लगती है। बेटी का पिता को सिगरेट पीने के लिए टोकना जैसी सीन कई दफा आता है।

    तकनीकी पक्ष की बात करें तो सुनील कार्तिकेयन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म की गति को बढ़ा देती है। फ्रीजर के अंदर टेंशन को बनाने के लिए कई क्लोजअप शॉट्स का उपयोग किया गया है। वहीं, एआर रहमान कुछ शानदार संगीत लेकर आए हैं, जिसके बोल लिखे हैं जावेद अख्तर ने। मोनीषा बलदेवा की एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई हो सकती थी, जिससे क्लाईमैक्स थोड़ा और प्रभावशाली बनता।

    रेटिंग

    रेटिंग

    एक सर्वाइवल ड्रामा होने के बावजूद, 'मिली' एक फील गुड फिल्म है, जिसे आप पूरे परिवार के साथ बैठकर देख सकते हैं। यह शुरु से अंत तक आपको बांधे रखते है। वहीं, फिल्म खत्म होते होते आपके चेहरे पर एक मुस्कान छोड़ जाएगी। जान्हवी कपूर और मनोज पाहवा के बीच की प्यारी सी केमिस्ट्री देखने के लिए ये फिल्म जरूर देंखे। फिल्मीबीट की ओर से 'मिली' को 3 स्टार।

    English summary
    Janhvi Kapoor, Manoj Pahwa and Sunny Kaushal starrer film Mili is releasing on 4th November in theatres. This chilling tale of survival is gripping and heartwarming.
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