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लेकर हम दीवाना दिल- ये क्या हुआ..कैसे हुआ..छोड़ो ये ना सोचो

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2.0/5

निर्माता- दिनेश विजन
निर्देशक- आरिफ अली
कलाकार- अरमान जैन, दीक्षा
संगीत- ए आर रहमान

रिव्यू की हेडलाइन पढ़कर आप थोड़ा सा हैरान हुए होंगे, क्योंकि ये पंक्तियां हैं पुरानी फिल्म गुस्ताखी माफ के गाने की। इन पंक्तियों को हमने यहां इसलिये लिखा है क्योंकि हमें लेकर हम दीवाना दिल फिल्म देखने के बाद कुछ ऐसी ही फीलिंग आई। हमने सोचा कि ये क्या हुआ..कैसे हुआ लेकिन फिर लगा छोड़ो यार ये ना सोचो तो ही अच्छा है।
कपूर खानदान का नाम आते ही दर्शकों के दिमाग में राजकपूर, ऋृषि कपूर, शशि कपूर, रंधीर कपूर जैसे दिग्गजों की तस्वीरें आंखों के सामने घूम जाती है। इस शुक्रवार कपूर खानदान के एक और चिराग बॉलीवुड में एंट्री कर रहे हैं जिनका नाम है अरमान जैन। अरमान के साथ ही दीक्षा सेठ भी इस शुक्रवार होने जा रही फिल्म लेकर हम दीवाना दिल से अपने करियर की शुरुआत कर रही हैं।

कहानी- लेकर हम दीवाना दिल फिल्म की कहानी शुरु होती है दिनेश निगम ऊर्फ डिनो (अरमान जैन) और करिश्मा शेट्टी (दीक्षा सेठ) के सीन से जिसमें दोनों बैठकर एक साथ दारू पी रहे हैं और एक दूसरे से अपने दिल की बात कह रहे हैं। नशे में बातें करते करते डिनो और के उर्फ करिश्मा को लगता है वो किसी और के साथ शादी करके अपनी जिंदगी नहीं बिता सकते। दोनों डिसाइड करते हैं कि वो एक दूसरे से शादी करेंगे। लेकिन डिनो अगले दिन के को कहता है कि वो तो मजाक कर रहा था। करिश्मा सीरियस हो जाती है क्योंकि उसके घरवाले उसकी शादी कराने के लिए लड़का ढूंढ रहे हैं। डिनो भी करिश्मा को उदास देख अपने परिवार से शादी के बारे में बात करने की कोशिश करता है लेकिन कोई उसका साथ नहीं देता।

आखिरकार दोनों घर से भाग जाते हैं। फिर कुछ ऐसा घटित होता है कि दोनों अपनी मुश्किलों का जिम्मेदार एक दूसरे को ठहराने लगते हैं और आखिरकार दोनों नाराज होकर वापस अपने घर चले जाते हैं। अब दोनों क्या फिर से एक दूसरे के करीब आ पाएंगे और क्या वो अपने माता-पिता को शादी के लिए मना पाएंगे। ये जानने के लिए तो आपको लेकर हम दीवाना दिल देखनी होगी।

कहानी

कहानी

लेकर हम दीवाना दिल की कहानी में कई ऐसे टर्निंग प्वाइंट्स हैं जहां पर आपको लगेगा कि फिल्म दोबारा वहीं पहुंच गयी जहां से शुरु हुई थी। कहानी कुछ उलझी हुई सी प्रतीत होती है। लोगों को किरदारों से कनेक्ट नहीं कर पाना कहानी की सबसे बड़ी कमजोरी है।

निर्देशन

निर्देशन

आरिफ अली ने पूरी कोशिश की है दर्शकों को एक अच्छी रोमांटिक फिल्म देने की। लेकिन कहानी में दम ना होने के चलते फिल्म के बेहतरीन निर्देशन ने भी दम तोड़ दिया।

अभिनय

अभिनय

कपूर खानदान से ताल्लुक रखने के बावजूद अरमान में वो बात नहीं है जो कि कपूर खानदान के बाकी एक्टरों में नज़र आई थी। हालांकि अभी तो अरमान की शुरुआत है और उन्हें थोड़ा और वक्त देने के बाद उम्मीद है वो दर्शकों को इंप्रेस करने में कामयाब हो पाएंगे। जहां तक बात है दीक्षा की तो उनके अभिनय ने लोगों को काफी इंप्रेस किया है।

संगीत

संगीत

संगीत की बात करें तो फिल्म में ए आर रहमान ने संगीत दिया है जो कि लोगों को पसंद आ रहा है। खासकर खलीफा गाना तो युवाओं में बेहद पसंद किया जा रहा है।

देखें या नहीं

देखें या नहीं

फिल्म को देखने की एक वजह हो सकती है कि फिल्म में कुछ कॉमेडी सीक्वेंस और अरमान व दीक्षा के कुछ रोमांटिक सीन्स अच्छे हैं। दो नये चेहरों को देख काफी फ्रेश सी फीलिंग आती है जो कि दर्शकों को आजकल बहुत भा रही है।

English summary
Lekar Hum Deewana Dil is a romantic movie that fails to charm its audience. Armaan Jain and Deeksha Seth were average but they both tried to deliver their best.Movie story gives you feeling that its going to nowhere.
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