बोर फिल्म है कार्तिक कॉलिंग कार्तिक

कहानी :
शोनाली ने एक मार्डन युवती का किरदार निभाया है। जो जिंदगी से लबरेज़ है, खुशनुमा औऱ खूबसूरत भी। जैसी हिंदी फिल्मों की हिरोइनें होती हैं। कार्तिक की इसी कश्मकश भरी जिंदगी में एक दिन एक कॉल आता है औऱ फिर कार्तिक औऱ शोनाली दोनों की जिंदगी बदल जाती है। अब कार्तिक खुश है क्योंकि उसके पास एक अच्छी नौकरी है औऱ शोनाली का प्यार भी। लेकिन हर खुशी की कुछ ना कुछ कीमत तो चुकानी ही होती है। ऐसा ही होता है कार्तिक के साथ जब उसकी जिंदगी रफ्तार पकड़ रही होता है तो उसके पास एक फोन कॉल आता है और उसकी औऱ शोनाली की जिंदगी फिर से बदल जाती है। इस फोन कॉल के इर्द- गिर्द कार्तिक की सारी कहानी घूमती है। फिल्म को एक रोमांटिक सस्पेंस थ्रिलर बनाने की कोशिश की गई है।
फरहान अख्तर :
फरहान को इससे पहले आप 'लक बाय चांस' औऱ 'रॉक ऑन' में देख चुके हैं। कार्तिक के किरदार में उनका अभिनय औसत है थोड़ा औऱ मेहनत करते तो कुछ दृश्य औऱ बेहतर बनाए जा सकते थे। फरहान अपनी क्षमता के हिसाब से किरदार चुनते हैं, औऱ एक निर्देशक की नजर से उसे निभाते हैं। इसलिए उनका अभिनय काफी सधा हुआ है। उनमें स्टार जैसा रुतबा नहीं लेकिन वो आपको निराश भी नहीं करते। एक ठीक-ठाक फिल्म वो आपको दे सकते हैं ऐसी ही फिल्म है कार्तिक कॉलिंग कार्तिक।
दीपिका पादुकोण :
दीपिका औसत अभिनय तक भी नहीं पहुंच पाई हैं। हालांकि वो पर्दे पर दिखती अच्छी हैं लेकिन अपनी कोई छाप नहीं छोड़ती। फिल्म में सहायक कलाकारों में राम कपूर औऱ शेफाली शाह हैं। दोनों ने अपने रोल के हिसाब से ठीक काम किया है।
निर्देशन एवं गीत, संगीत :
बतौर निर्देशक विजय ललवानी की ये पहली फिल्म है। वो अपनी फिल्म के ज़रिए कोई नई कहानी नहीं कहते लेकिन उनके कहानी कहने की शैली बढ़िया है। उनसे भविष्य में बेहतर फिल्मों की उम्मीद की जा सकती है। शंकर- एहसान- लॉय का 'उफ्फ तेरी अदा' गाना पहले ही लोगों की जुबान पर चढ़ चुका है। साउंडट्रैक मिडिवल पंडित का है। कार्तिक कॉलिंग कार्तिक बस एक बार देखी जा सकने वाली फिल्म है। फिल्म मे रहस्य जल्दी खुल जाता है औऱ उसके बाद दर्शक हॉल में बैठ कर कहानी का अंदाजा लगा सकते हैं। दीपिका पादुकोण औऱ फरहान अख्तर की जोड़ी जंची है।


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