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    जॉन डे फिल्म रिव्यू- उलझी हुई और बोरिंग है कहानी

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    नसीरुद्दीन शाह और रणदीप हुड्डा की फिल्म जॉन डे आज सिनेमाहॉल में लगने जा रही है। फिल्म की कहानी काफी सस्पेंस भरी और पेचीदा है जो कि फर्स्ट हाफ में किसी के पल्ले नहीं पड़ने वाली है। सेकेंड हाफ में फिल्म के सस्पेंस के साथ ही फिल्म की कहानी में थोड़ी स्पीड लाने की कोशिश की गयी लेकिन वो स्पीड कहीं ना कहीं जाकर फिल्म के अगेंन्ट चली गयी। फिल्म में कई ऐसे सीन्स डाले गये हैं जो कि बेवजह ही नज़र आते हैं। हालांकि फिल्म की कहानी काफी सोच समझकर और जोड़ तोड़ कर लिखी गयी है और निर्देशन भी बेहतरीन है। लेकिन इसके बावजूद कहीं ना कहीं जाकर फिल्म बोरिंग हो जाती है।

    यूं तो नसीरुद्दीन शाह की फिल्म है तो फिल्म में ग्रे शेड्स की उम्मीद सभी को थी लेकिन इसके बावजूद रणदीप हुड्डा के होने की वजह से लोगों को लगा था कि कुछ मसाला और एंटरटेनमेंट भी होगा। लेकिन रणदीप ने भी पूरी तरह से नाउम्मीद कर दिया। रणदीप हु्ड्डा ने एक पुलिस इंसपेक्टर का किरदार निभाया है और उनकी वेशभूषा, अंदाज पुलिस नहीं बल्कि किसी गुंडे या किसी टपोरी की तरह ही लगा है। रणदीप ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि जॉन डे एक बदले और माफी पर आधारित कहानी है लेकिन फिल्म को देखने के बाद आपको लगेगा कि फिल्म में माफी कहीं है नहीं। सिर्फ और सिर्फ बदला ही है।

    नसीरु्ददीन शाह की एक्टिंग बेहतरीन है और साथ रणदीप ने काफी कोशिश की है लेकिन बतौर एक्टर वो फेल रहे हैं। इसके अलावा फिल्म की एक्ट्रेस ने कहीं ना कहीं लोगों को थोड़ा इंप्रेस जरुर किया है लेकिन उन्हें कुछ भी इंप्रेसिव सीन्स दिए ही नहीं गये हैं। कुल मिलाकर ये एक सस्पेंस थ्रिलर तो है लेकिन फिल्म की कहानी वाकई काफी बोरिंग है।

    जॉन की बेटी की मौत

    जॉन की बेटी की मौत

    जॉन डे (नसीरुद्दीन शाह) एक बैंक में काम करता है। जॉन की बेटी अपने ब्वॉयफ्रैंड के साथ उसके ब्वॉयफ्रैंड के दोस्त के अंकल की खाली पडी़ प्रॉपर्टी (कैसाब्लांका) पर पिकनिक के लिए जाती है। अचानक ही उस प्रॉपर्टी में जो कि जंगल के बीचोबीच है आग लग जाती है और लड़की की मौत हो जाती है।

     जॉन की पत्नी पर अटैक

    जॉन की पत्नी पर अटैक

    कुछ साल बाद जॉन के ऑफिस में एक आदमी आता है कुछ गैर कानूनी काम करवाने के लिए। उसे घर से फोन आता है कि उसकी पत्नी को बंदी बनाकर रखा गया है। और उसे बैंक में लूट डलवाने के लिए कहा जाता है। जॉन डे ये करता है और उस लूट के दौरान उसकी नजर पड़ती है केसाब्लांका प्रॉपर्टी के कागजों पर।

    जॉन की पत्नी कोमा में

    जॉन की पत्नी कोमा में

    जॉन की पत्नी को सिर पर बुरी तरह से घायल कर दिया जाता है और वो कोमा में चली जाती है। जॉन आखिरकार तंग आकर अपनी बेटी और अपनी पत्नी की इस हालत के लिए बदला लेने की ठान लेता है। उसे पता चलता है कि कैसाब्लाकां में आग लगवाई गयी थी प्रॉपर्टी के चक्कर में।

    जॉन करता है इनवेस्टिगेशन

    जॉन करता है इनवेस्टिगेशन

    जॉन डे कैसाब्लांका की पूरी जानकारी निकलवाने की कोशिश करता है। उसे पता चलता है कि असल में ये गर्वनमेंट की प्रॉपर्टी है जो कि किसानों को दी गयी थी। लेकिन कुछ लोगों ने गैरकानूनी ढंग से इसे अपने नाम लिखा ली है और इसका नाम दिया है कैसाब्लांका। प्रॉपर्टी में आग लगाने के बाद उसका क्लेम किया गया और काफी पैसे भी इन लोगो को मिले।

    रणदीप की सब चाल

    रणदीप की सब चाल

    जॉन डे को पता चलता है कि गौतम (रणदीप हु्ड्डा) एक पुलिस इंसपेक्टर है और वो इंडिया के एक गैंग के साथ है लेकिन पैसों को लिए फॉरने की एक पार्टी के साथ मिलकर अपने ही गैंग के खिलाफ साजिश रच रहा है और उस प्रॉर्पर्टी को उन्हें बेच रहा है। आखिरकार जॉन डे रणदीप को पकड़ लेता है और साथ ही जिन लोगों ने उस प्रॉपर्टी में आग लगाई थी उन्हें भी पकड़कर अपना बदला लेता है।

    English summary
    John Day is a suspense thriller movie that revolves around father's revenge for his daughter's death. Gautam, a nihilistic cop, the key player behind the tragic incident get embroiled and sucked into the deep abyss that turns lethal.
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