ये हैं वासु, इनसे सेक्स कंट्रोल नहीं होता- हंटर फिल्म रिव्यू
हंटर को अगर सिर्फ सेक्स कॉमेडी बोलें तो गलत होगा, आज थियेटर में रिलीज हो रही इस फिल्म में सेक्स तो है लेकिन कॉमेडी के साथ साथ एक सच्चाई भी है जो कि अक्सर हम अपने आस पास देखते हैं। हंटर में सिर्फ एक किरदार ही हंटर नहीं है बल्कि ये एक मेल सोसाइटी की सोच है जिसे निर्देशक ने बड़ी ही खूबसूरती व मस्तीभरे अंदाज में पेश किया है।
कहानी
शुरु करते हैं वासु से हालांकि इनका असली नाम मंदार (गुलशन देवइया) है लेकिन ये अपना नाम वासु बताते हैं। वासु का अर्थ ये बताते हैं ऐसा इंसान जो सेक्स की इच्छा को कंट्रोल नही कर पाता और किसी के साथ भी सो जाता है। लेकिन हम आम बोल चाल की भाषा में ऐसे शख्स को ठरकी कहते हैं। खैर तो ये कहानी है मंदार की जो लड़कियों को सिर्फ सेक्स करने की वस्तु समझते हैं।
इनकी इस सोच से टकराती हैं सविता भाभी (रचेल डिसूजा), पारुल (वीरा सक्सेना) और ज्योत्सना (साइं तमंकर)। लेकिन फिर एक उम्र पार करने के बाद मंदार को शादी करके सेटल होने का ख्याल आता है और उनकी मुलाकात होती है तृप्ति (राधिका आप्टे) से। राधिका से मिलने के बाद भी मंदार की वासुगीरी बंद नहीं होती।
लेकिन क्या राधिका मंदार का ये सच जानने के बाद भी उससे शादी करती है और क्या मंदार अपनी इस वासुगीरी से छुटकारा पा पाता है। जानने के लिए आपको हंटर देखने पड़ेगी। लेकिन फिल्म से जुड़ी कुछ खास बातें हम जरुर आपसे शेयर करेंगे।


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