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हाफ गर्लफ्रेंड Review - अर्जुन-श्रद्धा का कन्फ्यूज रोमांस आपका दिल तोड़ देगा

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Rating:
2.0/5

फिल्म - हाफ गर्लफ्रेंड
स्टारकास्ट - अर्जुन कपूर, श्रद्धा कपूर
डायरेक्टर - मोहित सूरी
प्रोड्यूसर - शोभा कपूर, एकता कपूर, मोहित सूरी
लेखक - इश्तिा मोइत्रा उधवानी (डायलोग)
शानदार पॉइंट - फिल्म का संगीत खासकर जब आपको स्क्रीन पर जो हो रहा है अच्छा ना लगे
निगेटिव पॉइंट - ठीक ठाक परफॉर्मेंस, खिंचा हुआ प्लॉट और डायरेक्शन
शानदार मोमेंट - रोमांस के बीच में कुछ कॉमेडी चाहते हैं तो उस सीन को देखिए जहां बिल गेट्स माधव की स्पीच सुन रहे हैं। जिस तरह से गंदा पैच अप वर्क बिल गेट्स को दिखाने के लिए किया गया है
उसे देखकर आप चाहें ना चाहें हंसी तो आ ही जाएगी।

प्लॉट

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जब फिल्म की शुरूआत में क्रेडिट में आप चेतन भगत का नाम देखते हैं तो आप पहले ही पता होता है कि आप यहां क्या देखने आए हैं लेकिन जिन लोगों ने नॉवेल नहीं पढ़ा है यहां पढ़िए फिल्म के बारे में।

प्लॉट

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हाफ गर्लफ्रेंड की शुरूआत ही टूटे दिल के साथ माधव झा (अर्जुन कपूर) के साथ होती है जिसे पता चलता है कि रिया सोमानी (श्रद्धा कपूर) ने उसे छोड़ दिया है। अब फिल्म फ्लैश बैक में चलती हैऔर वहां पहुंचती है जहां पहली बार दोनों सेंट स्टिफन कॉलेज में पहली बार होती है। माधव हिंदी बोलने वाला पटना का लड़का है जिसे स्पोर्ट्स कोटा की वजह से कॉलेज में दाखिला मिलता है। वहीं दूसरी ओर रिया पूरी तरह से शहर में पली बढ़ी लड़की है जिसे बारिश पसंद है। बास्केट बॉल कोर्ट में रिया को देखते ही माधव को उससे प्यार हो जाता है। रिया लीग के बाहर हो जाती है लेकिन माधव को मम्मी की सीख याद है कि "हारो मत..हार को हराओ"।माधव का इस दौरान दिल टूट जाता है। इस बदलाव के बाद माधव देवदास बन जाता है और अपने घर डुमरांव लौट जाता है और स्कूल सुधारने और इंग्लिश पढ़ाता है ।उसे मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से फंड भी मिलता है । लेकिन कहानी में एक ट्विस्ट है। रिया सोमानी अब एक तलाकशुदा है। क्या पुराने एहसास उससे मिलने के बाद वापस आ पाएंगे या वो हमेशा हाफ गर्लफ्रेंड बनकर रहेगी।

प्लॉट

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जल्दी ही माधव और रिया दोस्त बन जाते हैं क्योंकि दोनों को बास्केट बॉल पसंद है। यहां एक टिपिकल लव स्टोरी है कि कैसे एक गरीब लड़के को अमीर लड़की से प्यार हो जाता है। लेकिन रिया का सीधे नियम बता देती है कि मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं लेकिन हाफ गर्लफ्रेंड बन सकती हूं और इस पर माधव तैयार भी हो जाता है। जहां दोनों इस नए रिश्ते में फिट होने की कोशिश करते हैं। एक दिन रोमिय माधव को उसके दोस्त उकसा देते हैं कि वो रिया के प्यार का इम्तिहान लें और वो सीमाएं पार करता है और रिया को कहता है 'देती है तो दे वरना कट ले' और लगभग उसे प्रताड़ित करता है। इसके बाद ब्रेक अप का समय आता है और रिया अपने बचपन के दोस्त रोहन के साथ सेटल होने का फैसला लेती है।

डायरेक्शन

डायरेक्शन

मोहित सूरी की आखिरी फिल्म हमारी अधुरी कहानी देखकर मैं अपना सर पकड़कर बैठ गई थी कि इतनी टैलेंटेड विद्या बालन को बस फिल्म में रोने का किरदार था। दो साल बाद फिर मोहित सूरी चेतन भगत की नॉवेल के साथ आते हैं और जिसकी कहानी काफी अच्छी है। फिल्ममेकर के पास भी ज्यादा कुछ नहीं है कि डायरेक्शनल टैलेंट दिखा सकें। फिल्म के कैरेक्टर से शायद आप कनेक्ट नहीं कर पाएंगे और इसलिए इमोशनल भी नहीं होंगे।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

अर्जुन कपूर को माधव झा में लेकर गलती की गई है। उनका बिहारी लहजा पकड़ने का संघर्ष पूरी फिल्म में एक -दो सीन छोड़कर हर जगह दिखा है।वो इसे अच्छे से नहीं निभा पाए।


श्रद्धा कपूर ने इस फिल्म में भी वही किया है जो हर फिल्म में करती हैं। अपनी आईलैश हाइलाइट करना, गिटार लेकर बहुत ही बुरी इंग्लिश गाने पर लिप सिंक करना ।
विक्रांत मेसी का किरदार शुरूआत में अच्छा था लेकिन धीरे धीरे उनके रोल को बहुत खराब तरीके से लिखा गया। सुपर टैलेंट सीमा विश्वास को पता नहीं क्यों फिल्म में लिया गया। रेहा चक्रवर्ती का भी को कैमियो में अच्छे से इस्तेमाल नहीं किया गया।

 तकनीकी पक्ष

तकनीकी पक्ष

फिल्म का कमजोर स्क्रीनप्ले आपका ध्यान नहीं खींचता है। फिल्म के आउटडेटेड डायलोग जैसे "कुछ चीजें ऐसी टूटती है कि उनका दोबारा जुड़ना संभव नहीं होता..सिर्फ दरारें रह जाती है"।विष्णु राव की सिनेमेटोग्राफी कमाल की है लेकिन एडिटिंग और अच्छी हो सकती थी।

 म्युजिक

म्युजिक

'फिर भी तुमको चाहुंगा', 'बारिश' और 'तू ही हैं' एलबम के बेस्ट गाने हैं। वहीं इंग्लिश गाने आपको बुरी तरह निराश करेंगे।

verdict

verdict

डायरेक्टर महित सूरी लगता है फिल्म के टाइटल में से 'हाफ' को अधिक गंभीरता से ले लिए। ठीकठाक परफॉर्मेंस और फिल्म का स्क्रीनप्ले फिल्म को कमजर करते हैं। फिल्म में कुछ सीन हैं जैसे रिया (श्रद्धा) कहती है 'थोड़ी देर और रुक जाओ।" जिसके बाद हर कोई क्रेडिट रोल होने का इंतजार करने लगता है।

English summary
Half Girlfriend movie review story plot and rating, Know how the movie is,
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