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    Review..हंसाने में फेल हो गई गेस्ट इन लंदन..कॉमेडी के नाम पर ये क्या

    By Madhuri
    |

    Rating:
    1.5/5
    Star Cast: कार्तिक आर्यन, कीर्ति खरबंदा, परेश रावल, संजय मिश्रा, तनवी आजमी
    Director: अश्वनी धीर

    प्रोड्यूसर - कुमार मंगत पाठक, अभिषेक पाठक

    लेखक - अश्विनी धीर, रॉबिन भट्ट

    शानदार पॉइंट - कुछ भी नहीं

    निगेटिव पॉइंट - खराब लेखनी, डायरेक्शन

    जहां अजय देवगन और कोंकणा सेन शर्मा की अतिथी तुम कब जाओगे में कुछ मजेदार फनी मोमेंट्स थे, तो वहीं अश्विनी धीर की गेस्ट इन लंदन हंसाने में नाकामयाब साबित होती है। फिल्म के प्लॉट में कई कमियां हैं जैसे फिल्म में एक से बढ़कर एक बुरे जोक्स दिए गए हैं जिसे सुनकर आपको हंसी कम और गुस्सा ज्यादा आएगा।

    प्लॉट

    प्लॉट

    फिल्म की कहानी लंदन की है जो आर्यन (कार्तिक आर्यन) और अन्या (कीर्ति खरबंदा) के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों एक साथ रहते हैं। एक दिन अचानक उनके यहां गांव से कुछ मेहमान पहुंचते हैं।

    बिना किसी इनविटेशन के गंगाशरण गंदोत्रा (परेश रावल) और उनकी पत्नी गुड्डी (तन्वी आजमी) आते हैं।

    प्लॉट

    प्लॉट

    जल्दी ही आर्यन और अन्या शादी के बंधन में बंध जाते हैं। इसके बाद फिल्म में शुरू होता है मिशन अतिथी तुम कब जाओगे लेकिन क्या ये कर पाना इतना आसान होगा।

    डायरेक्शन

    डायरेक्शन

    जहां अजय देवगन और कोंकणा सेन शर्मा की अतिथी तुम कब जाओगे में कुछ मजेदार फनी मोमेंट्स थे तो वहीं अश्विनी धीर की गेस्ट इन लंदन हंसाने में नाकामयाब साबित होती है। फिल्म के प्लॉट में कई कमियां हैं जैसे फिल्म में एक से बढ़कर एक बुरे जोक्स दिए गए हैं जिसे सुनकर आपको हंसी कम और गुस्सा ज्यादा आएगा।

    फिल्म के एक सीन में परेश रावल का कैरेक्टर चीन की लड़की के साथ इक्वेशन दिखाया गया है और इसे चीन के प्रोडक्ट की गुणवत्ता से सीधे जोड़ा गया है। इसे देखकर आप भी सोचेंगे कि आखिर कहानी लिखते वक्त लेखक सोच क्या रहे थे।

    परफॉर्मेंस

    परफॉर्मेंस

    फिल्म में कार्तिक आर्यन और कीर्ति खरबंदा भी हमारी ही तरह अनभिज्ञ दिखे हैं। उनका रोमांस भी काफी ठंढा दिखाया गया है। दुख की बात ये है कि इस में परेश रावल और तन्वी आजमी जैसे शानदार कलाकारों को लिया गया है। आखिर में बात करें तो अजय देवगन का कैमियो भी फिल्म में सरप्राइज है लेकिन वो भी फिल्म की नैया डूबने से नहीं बचा पाते हैं।

     तकनीकी पक्ष

    तकनीकी पक्ष

    सुधीर चौधरी की सिनेमेटोग्राफी और मनन सागर की एडिटिंग में कुछ भी नया नहीं है। 138 मिनट की फिल्म में बुरे जोक्स के अलावा कुछ नहीं है जो धैर्य की परीक्षा लेती है।

    म्यूजिक

    म्यूजिक

    फिल्म का म्यूजिक भी औसत से कम है और कोई भी गाना ऐसा नहीं है जो आपको खत्म होने के दो मिनट बाद भी याद रहे।

    Verdict

    Verdict

    कम शब्दों में बोला जाए तो फिल्म से एक हाथ की दूरी बनाना ज्यादा बेहतर है।

    English summary
    Guest inn London movie review story plot and rating,
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