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    'कुछ लव जैसा' ही प्‍यार चाहिये सबको

    By Priya Srivastava
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    This is a nice movies directed by Barnali Ray Shukla, which presents the in depth true of real life. This is a love story which gives positive message to all.
    फिल्म रिव्यू

    फिल्म: कुछ लव जैसा

    कलाकार: शेफाली शाह, राहुल बोस, नीतू चंद्रा, सुमीत

    निर्देशक: बनार्ली रे शुक्ला

    रेटिंग: 3.5 स्टार

    अगर हम गौर करें तो इन दिनों अधिकतर महिला निर्देशक अपनी पहली फिल्म के लिए किसी न किसी गंभीर विषय को चुना है। फिर चाहें वह नंदिता दास हो, पीपली लाइव की अनुषा हो या फिर धोबी घाट की किरण राव हो, लेकिन बर्नाली शुक्ला ने उस ट्रेंड से खुद को बाहर किया है। सहायक निर्देशक के रूप में राम गोपाल वर्मा के साथ काम करने के बावजूद बर्नाली ने अपनी कल्पनाशीलता पर किसी भी अन्य निर्देशक का प्रभाव हावी नहीं होने दिया।

    कुछ लव जैसा के माध्यम से उन्होंने उन कई औरतों की बात रखने की कोशिश की है, जो इस बात से तंग आ चुकी हैं कि वे सिर्फ हाउस वाइफ हैं। इसके बावजूद उन्हें प्यार नहीं मिलता। भावना और रिश्तों को जोड़ती यह फिल्म इसी निष्कर्ष पर पहुंच जाती है कि हर व्यक्ति प्यार का भूखा होता है। अगर किसी को प्यार मिले तो वह बुरे रास्ते से भी सही रास्ते पर चला आता है। प्यार उसे भी चाहिए जो बुरे काम करता है और उसे भी जिसके पास पूरा परिवार है।

    सबसे पहली बात कुछ लव जैसा में कुछ भी बोरिंग जैसा नहीं है। किरदारों को सोच समझ कर गढ़ा गया है और उनके दृश्यों को भी। फिल्म में जबरन न कलाकारों को शामिल किया गया है और न ही भावनाओं का ओवर डोज देने की कोशिश की गयी है। फिल्म के गीत भी बेहतरीन तरीके से तैयार किये गये हैं। मधु हाउस वाइफ है। श्रवण सक्सेना उनके पति हैं। एक अजनबी है राघव। राघव बुरी संगत में है, लेकिन दिल का बुरा नहीं है।

    मधु और राघव दोनों का जन्मदिन हर वर्ष लीप ईयर यानी चार साल बाद आता है। मधु अपने पूरे घर का ख्याल रखती है, लेकिन किसी को उसका ख्याल नहीं होता। मधु के पति दुनिया के उन तमाम पतियों में से एक हैं, जिन्हें यह तो पता है कि महिलाओं को क्या पसंद। गुमसुम होने के बावजूद वह तय करती है अपने जन्मदिन को व्यर्थ नहीं जाने देगी। उस एक दिन के सफर में उसका साथ देता है राघव।

    राघव की मुलाकात मधु से कैसे होती है। यह फिल्म का दिलचस्प मोड़ है। दोनों की कहानी शुरू होती है। दोनों एक पूरा दिन साथ गुजारते हैं। 29 फरवरी के फेर से दो अनजाने मिलते हैं। फिर दोनों पूरा एक दिन साथ गुजारते हैं। उनमें कुछ होता है। कुछ भावनाएं उत्पन्न होती हैं, लेकिन वे उसको कोई नाम नहीं दे पाते। सारी बातें मन में ही रखते हैं।

    निर्देशक ने इसी भावना और एहसास को कुछ लव जैसा का नाम दिया है। एक तरह से प्यार की नयी परिभाषा है। राघव रिया से प्यार करता है, लेकिन रिया धोखा दे देती है। फिल्म के अंतिम दृश्य बेहतरीन हैं। शेफाली शाह ने बेहतरीन अभिनय किया है। राहुल बोस हमेशा की तरह बेहद कम संवादों के बावजूद अपने भाव से प्रभावित करते हैं। फिल्म के अंतिम दृश्यों में प्यार को जताते के कुछ बेहतरीन तरीके दिखाये गये हैं। ऐसी फिल्में भारतीय दर्शकों को अपने प्यार को बरकरार रखने के कई राह को दिखाता है। कुल मिलाकर कुछ लव जैसा से बर्नाली की एक अच्छी शुरुआत है। दर्शक एक बार इसे जरूर देखें

    English summary
    Read the film review of the film Kuchch Love Jaisa. This is a nice movies directed by Barnali Ray Shukla, which presents the in depth true of real life. This is a love story which gives positive message to all.
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