बिना भूतों के डरें फिल्म 13 बी में

छायांकन: पी सी श्रीराम
संगीत: शंकर एहसान लॉय
कलाकार: माधवन, पुनम ढिल्लन, नीतू चंद्रा, विक्रम के कुमार, दीपक डोबरियाल, मुरली शर्मा, सचिन खेडेकर
फिल्म 13 बी की कहानी आठ सदस्यों के एक परिवार मनोहर (माधवन), उसकी मां (पूनम ढिल्लन), उसकी पत्नी प्रिया (नीतू चंद्रा), उसका बड़ा भाई (हरी नायर), उसकी साली (अमीथा), उसका भतीजा, भतीजी और छोटी बहन के इर्द गिर्द घूमती है।
यह परिवार एक नई ईमारत की 13हवीं मंजिल के 13बी अपार्टमेंट में रहने के लिए आता है। इस परिवार की महिलाएं एक दैनिक धारावाहिक सब खैरियत को देखने की आदि हो चुकी है। पेशे से सिविल इंजिनीयर मनोहर इस नए घर में आकर बहुत खुश है।
इस घर में आने के बाद से सब कुछ अच्छा होने लगता है। उसका बड़े भाई की पदोन्नति हो जाती है, उसकी बहन कालेज की परिक्षाओं में पास हो जाती है। उसकी पत्नी गर्भवती हो जाती है।
सबके साथ अच्छा हो रहा है लेकिन उसे एक अनजाना सा डर लगने लगा है कि जैसे जब भी वह अकेले लिफ्ट में चलता है तो लिफ्ट बंद हो जाती है। उसके मोबाइल पर उसकी खुद की तस्वीरें बहुत डरावनी दिखाई देती है। वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित रहता है। लेकिन यह सब क्या है ऐसा क्यों हो रहा है यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।
अगर फिल्म में अभिनय की बात की जाए तो माधवन ने फिर इस बात को साबित किया है कि अगर अच्छी पटकथा हो तो वे बेहतरीन अभिनय कर सकते है। उन्होने घर के लिए परेशान व्यक्ति की भूमिका को पर्दे पर बखूबी साकार किया है।
वही नीतू चंद्रा ने भी उनका अच्छा साथ दिया है। मां की भूमिका में पुनम ढिल्लन ने और मनोहर के दोस्त की भूमिका में मुरली शर्मा ने अच्छा काम किया है। वहीं एक छोटी सी भूमिका में दीपक डोबरियाल ने काफी प्रभावित किया है।
फिल्म के निर्देशक विक्रम के कुमार प्रशंसा के काबिल है कि उन्होंने एकदम हटकर विषय चुना है। वही शंकर एहसान लॉय के संगीत ने फिल्म के विषय के साथ न्याय किया है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो एक सधी हुई बेहतरीन फिल्म है जिसे देखने जरूर जाए लेकिन अकेले नही।


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