अभिषेक को स्थापित करने में नाकाम रही द्रोण

निर्देशन: गोल्डी बहल, संगीत: वैभव मोदी, अवधि: 142 मिनट।
गोल्डी बहल की बहुप्रतीक्षित फिल्म द्रोण जहां अभिषेक को बालीवुड के सुपरहीरो के रूप में स्थापित करने में नाकाम रही वही इसने अपने उस दावे को भी झुठला दिया कि इससे बालीवुड में एक नए सुपरविलन की एन्ट्री होगी।
द्रोण फंतासी शैली में बनी एक एडवेंचर फिल्म है। द्रोण की भूमिका में अभिषेक बच्चन जहां दर्शकों की कसौटी पर खरे नही उतर पाए, वहीं प्रियंका चोपड़ा ने सिर पर पगड़ी लगाए गटका चलाती उनके अंगरक्षक की भूमिका में उनसे कही बेहतर भूमिका अदा की।
इस फिल्म के जरिए दर्शक पहली बार जया बच्चन को रूपहले पर्दे पर द्रोण बने अभिषेक बच्चन की मां की भूमिका में देख पाएंगे। वहीं नए संगीतकार ध्रुव घानेकर के सुरीले संगीत से सजी द्रोण को सुन सकेंगे।
फंतासी, रोमांच और काल्पनिक पात्रों के इर्द-गिर्द घूमती द्रोण के निर्देशन की बागडोर गोल्डी बहल ने संभाली है। जो सात साल पहले अभिषेक को लेकर 'बस इतना सा ख्वाब है' बना चुके है।
इस फिल्म में देखेंगे कि बरसों से दानवी शक्तियों के राजा दैत्य रिज रायजादा (केके मेनन) को अमर होने के लिए एक अमृत कलश की तलाश है।
इस अमृत कलश को विरासत में संभाल कर रख रहे राजघराने के द्रोण को धोखे से मारने के बाद भी रिज इस अमृत कलश को हासिल नहीं कर पाता।
ऐसे में रिज को जब पता चलता है कि इस अमृत कलश को हासिल करने का राज विदेश में रह रहे आदित्य (अभिषेक बच्चन) से मिल सकता है, तो वह अपनी सभी विनाशकारी शक्तियों के साथ आदित्य के पीछे लग जाता है।
अच्छाई और बुराई की इस जंग में आदित्य अपनी शक्तियों से लैस होकर रिज का विनाश करता है। सृष्टि को बचाने की मुहिम में सोनिया (प्रियंका चोपड़ा) उसका साथ देती है।
द्रोण यथार्थ से दूर कल्पना और फंतासी की ऐसी रोमांचक दुनिया में दर्शकों को ले जाएगी जहां बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्तरदायित्व एक सर्वशक्तिमान हीरो के कंधों पर है।
फिल्म की फोटोग्राफी और स्पेशल इफेक्ट्स गजब के हैं, लेकिन सुस्त निर्देशन और कई दृश्यों को जरूरत से ज्यादा लंबा करने के चलते कहानी की गति सुस्त पड़ गई है। हां, फिल्म में जूनियर बी का सुपरमैन वाला लुक बच्चों को भा सकता है।
मजेदार बात है कि स्ंटट सीन में अभिषेक से ज्यादा प्रिंयंका ने प्रभावित किया है। फिल्म में गानों की संख्या बहुत ज्यादा है, जिससे बीच बीच में बोरियत होती है।
द्रोण पौराणिक कथा का एक महत्वपूर्ण पात्र है, उस पात्र के जरिए इस फिल्म को और प्रभावी बनाया जा सकता था।
कुल मिलाकर कॉमिक्स से प्रेरित द्रोण की शीर्ष भूमिका में अभिषेक बच्चन अपनी बेशुमार शक्तियों से दर्शकों को प्रभावी अंदाज में परिचित कराने में असफल रहे।


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