डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी रिव्यू- इनकी निगाहों से छुपना है नामुमकिन!

By Sonika

पिछले कुछ समय से ऐसी फिल्में रिलीज हो रही थीं कि जिनके रिव्यू पढ़ते समय अक्सर आपको पढ़ने को मिलता होगा कि Leave your brain at home (अपना दिमाग घर छोड़कर आएं)। लेकिन डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी देखते समय भूलकर भी ऐसी गलती ना करें।

दिबाकर बैनर्जी की अभी तक की फिल्मों की तरह ब्योमकेश बख्शी भी ऐसी फिल्म है जिसे देखने के लिए आपको स्क्रीन के सामने अपने दिमाग और आंखों को सही जगह पर रखकर आना होगा। दिमाग इसलिए ताकि स्क्रीन पर हो रही हर एक घटना को आप अच्छी तरह से परख सकें और आखें इसलिए कि ताकि स्क्रीन पर होने वाली हर एक मूवमेंट को आप बारीकी से देख सकें।

कहानी- ब्योमकेश बख्शी (सुशांत सिंह राजपूत) के पास अजीत नाम का लडका आता है जो कि अपने पिता के गुम हो जाने से परेशान है। ब्योमकेश बख्शी अजीत के पिता को ढूंढने के दौरान डॉक्टर अनुकूल गुहा (नीरज काबी) के हॉस्टल पहुंचता है। वहां पर जाने के बाद ढूंढते ढूंढते वो नेता गजानन सिकदर तक पहुचता है जिनकी फैक्ट्री में अजीत के पिता की मौत हुई है।

फिर गजानन का भी कत्ल हो जाता है और ये गुत्थी उलझती ही चली जाती है। ब्योमकेश की मुलाकात इसी दौरान डांसर और एक्ट्रेस अंगूरी देवी (स्वास्तिका मुखर्जी) से होती है जो उसे और उलझा देती है। आखिर कौन है अजीत के पिता का हत्यारा और कोलकाता में हो रही ड्रग्स डीलिंग का इससे क्या ताल्लुक है ये जानने के लिए अपने नजदीकी सिनेमाघर जाएं।

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X