Dangal Movie Review: धाकड़ बेटियों के धाकड़ पिता, एकदम जबरदस्त फिल्म
क्या है हिट - बेहतरीन अदाकारी, शानदार निर्देशन, कसा हुआ लेखन, ज़बर्दस्त धोबीपछाड़ पहलवानी के सीन
क्या है ठंडा - साक्षी तंवर के किरदार के कुछ और रंग अगर फिल्म में देखने को मिलते तो मज़ा ही आ जाता।
पलकें कब झपकाएं - केवल इंटरवल में- सावधानी हटी, दुर्घटना घटी
दिल जीतने वाला सीन - फिल्म का सबसे बड़ा ट्विस्ट जहां आमिर खान अपनी बेटी फातिमा सना शेख के साथ एक फाइट करेंगे और पूरी फिल्म वहीं का वहीं पलट जाएगी।

प्लॉट
महावीर फोगत, पूर्व, नेशनल लेवेल का पहलवान है जो हमेशा एक बेटे की चाह में जी रहा है। वो बेटा जो उसके लिए गोल्ड मेडल जीत कर ला सके, किसी इंटरनेशल इवेंट में। लेकिन चौथी बार भी उसे लड़की होती है।
महावीर फोगट दुखी हो जाता है और अपने गोल्ड मेडल को अलविदा कह देता है। हालांकि लड़कियां और लड़कों का अंतर उसके लिए तब मिटता है जब उसकी दो छोटी छोटी बेटियां गीता (ज़ायरा वसीम) और बबीता(सुहानी भटनागर) पड़ोस के दो लड़कों को बुरी तरह पीट देती हैं। क्योंकि उन दो लड़कों ने लड़कियों पर बुरे कमेंट किए होते हैं।
महावीर को तुरंत इस सच का एहसास हो जाता है कि गोल्ड तो गोल्ड ही रहेगा, लड़का जीत के लाए या फिर लड़की। और यहीं से शुरू होती है फिल्म की थीमलाइन - म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के?
आमिर खान, फतिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा स्टारर फिल्म दंगल कंटेंट के मामले में बेहद दमदार है। महावीर फोगाट और उनकी बेटियां गीता-बबीता के संघर्ष की कहानी को जिस बखूबी से बुना गया है, वह सराहनीय है।
जानिए फिल्म की पूरी समीक्षा -


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