'छलांग' फिल्म रिव्यू- 'खेलोगे कूदोगे होगे लाजवाब' का जरूरी पाठ पढ़ाती है राजकुमार राव की फिल्म
निर्देशक- हंसल मेहता
कलाकार- राजकुमार राव, नुसरत भरूचा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, सौरभ शुक्ला, ईला अरूण
प्लेटफॉर्म- अमेज़ॅन प्राइम वीडियो
बचपन में हमेशा हमें सिखाया जाता था, "पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खराब"। फिर जमाना बदला, लोगों की सोच बदली और इस कहावत में तब्दीली लाई गई- "पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे लाजवाब"। हंसल मेहता के निर्देशन में बनी फिल्म इन्हीं दो सोच के बीच की 'छलांग' है।
यह फिल्म ऐसा संदेश देती है, जो ना सिर्फ बच्चों के लिए जरूरी है, बल्कि उनके माता- पिता और शिक्षकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर आज के जमाने में जहां खेल और खिलाड़ियों को उचित पहचान और सम्मान दिये जाने की चर्चा लगी रहती है, जरूरत है कि तमाम विद्यालय भी इसे सकारात्मकता से लें और छात्रों का हौसला बढ़ाएं। फिल्म में एक संवाद है- "हमारे देश में हर कोई चाहता है कि उनका बच्चा सचिन तेंदुलकर बने.. बेटी साइना नेहवाल बने। लेकिन सचिन और साइना का मां- बाप कोई नहीं बनना चाहता।"


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