'बोल बच्चन' नहीं ये है बोर बच्चन: बोल बच्चन रिव्यू

फिल्म - बोल बच्चन
एक्टर - अभिषेक बच्चन,अजय देवगन, आसिन, प्राची देसाई, असरानी
प्रोड्यूसर - अजय देवगन प्रोडक्शन
डिरेक्टर - रोहित शेट्टी
म्यूजिक - हिमेश रेशमिया, अजय अतुल
इस शुक्रवार 6 जुलाई को रिलीज हुई रोहित शेट्टी द्वारा निर्देशित फिल्म बोल बच्चन में हंसी के भरपूर मसालों को परोसा गया है। अजय और बच्चन के बीच में बोले गए संवाद'बॉय अंडर आर्म पिट एंड हाइपरसिटी इज नाइज पॉल्यूशन', 'माइ चेस्ट हैज बिकम ब्लाउज'आपके चेहरे पर मुस्कुराहट तो ला देंगे मगर इस मुस्कुराहट को हंसी के ठहाकों तक नहीं पहुंचा पाएंगे।
बोल बच्चन की शुरुआत होती है गाने बोल बोल बोल बच्चन से जिसमें अमिताभ बच्चन के सात अभिषेक और अजय की जोड़ी ने भी ठुमके लगाए हैं। फिल्म की कहानी भाई बहन अब्बास अली (अभिषेक बच्चन) और सानिया (आसिन) के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों दिल्ली के करोल बाग के निवासी हैं दोनों मिलकर अपने पूर्वजों की सम्पत्ति को पाने के लिए कोर्ट में केस लड़ रहे होते हैं। लेकिन कुछ कारणों की वजह से हार जाते हैं।
उनका चाचा शास्त्री (असरानी) उन्हें अपने गांव रनकपुर जाने को कहता है और वादा करता है कि वो अब्बास को अपने मालिक के यहां जॉब दिला देगा। उसका मालिक और कोई नहीं बल्कि पृथ्वीराज रघुवंशी (अजय देवगन) है।
रनकपुर में एक दिन मंदिर में एक बच्चे की जान बचाते हुए अब्बास से पुराने मंदिर का ताला टूट जाता है और उसका दरवाजा खुल जाता है। मंदिर का ताला टूटा हुआ देख गांव वाले बहुत नाराज हो जाते हैं और अब्बास के खिलाफ हो जाते हैं। उसी समय पृथ्वीराज वहां पहुंच कर अब्बास को छुड़ा लेता है। अब्बास का नाम पूछने पर उसका दोस्त उसका नाम अभिषेक बच्चन बताता है क्योंकि उसे पता होता है कि ये जानने पर कि एक मुस्लिम ने मंदिर में कदम रखा गांव वालों का गुस्सा और बढ़ जाएगा। और इस तरह शुरु होता है फिल्म में झूठ का सिलसिला।
एक झूठ को साबित करने के लिए अब्बास एक के बाद एक झूठ बोलता ही चला जाता है। और जब पता चलता है कि अब्बास नाम का भी कोई है अभिषेक बना अब्बास कहता है कि वो उसका हमशक्ल है। पूरी फिल्म में अभिषेक और अजय के बीच होने वाले कॉमेडी सीन काफी अच्छी तरह फिल्माए गए हैं।
निर्देशक रोहित शेट्टी ने गोल माल को काफी हद तक कॉफी करने की कोशिश की है। लेकिन अमोल पालेकर की एक्टिंग के सामने अभिषेक और अजय कहीं कहीं फीके पड़ जाते हैं। इसके बावजूद कुछ सीन काफी मनोरंजक हैं और हंसने पर मजबूर कर देते हैं। असरानी का कुछ खास पार्ट नहीं है फिल्म में लेकिन इसके बावजूद उसके सीन काफी हद तक फिल्म को सपोर्ट करते हैं।
आसीन और प्राची देसाइ ने भी बहुत छोटी भूमिका निभाई है। अजय के सात आसीन और अभिषेक के साथ प्राची देसाइ की जोड़ी बनाई गई है। फिल्म में हंसी के सारे मसालों कों डालने की पूरी कोशिश की गई है लेकिन इस फिल्म को देखते समय हर पल पुरानी गोलमाल की झलक आंखो के सामने आ जाती है। जिन्होने पुरानी गोलमाल नहीं देखी है उनके लिए शायद ये फिल्म ज्यादा मनोरंजक साबित हो।
बोल बच्चन में बच्चन बोले तो हैं मगर आप इस फिल्म को देखने के बाद आप कितनों से बोल बच्चन को देखने के लिए बोलेंगे ये आप सिनेमाहॉल में जाकर ही पता कर पाएंगे।


Click it and Unblock the Notifications











