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    भानगढ़ का रहस्यः मजाक उड़ाया तो चुड़ैल रत्नावती नहीं छोड़ेगी आपको!

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    भानगढ़ ऐसी ऐतिहासिक धरोहर जहां पर आज भी भूतों का डेरा है। सूरज ढलने के बाद वहां अजीबों गरीब आवाजे सुनाई देती हैं। कहते हैं रानी रत्नावती और एक तांत्रिक की आत्मा वहां भटकती है। बताया तो यह भी जाता है कि सूरज ढलने के बाद अगर रात को वहां कोई ठहर जाए तो सुबह कभी वापस नहीं आता। भानगढ़ में आज भी शाम को जाने की इजाजत नहीं है। जरा दिल थाम कर पढ़िएगा। हम आपको बताने जा रहे हैं सच्ची घटना पर आधारित एक कहानी। जिस पर हाल ही में एक फिल्म भी बनी है। फिल्म का नाम है "ए ट्रिप टू भानगढ़ -एशियाज मोस्ट हॉंटेड प्लेस"।

    bhangarh

    जय, काव्या, आशू, गोलू औऱ जादू , मंगेश और अंकल जी (विक्रम)। यह सभी कॉलेज के पुराने दोस्त हैं। एक दिन सभी फिर से मिलने का प्लान बनाते हैं। एक पार्टी में मुलाकात होती हैं। तभी पता चलता है कि मंगेश, जो पहले राइटर बनना चाहता था अब एक राइटर बन गया है औऱ फिल्म के लिए फिल्म की कहानी लिख रहा है। फिल्म की कहानी का टॉपिक भानगढ़ के रहस्य पर आधारित होता है।

    लेकिन कहानी तब मोड़ लेती जब मंगेश के बताने पर भी अन्य दोस्तों को भानगढ़ के बारे में पता ही नहीं होता। और तो औऱ जय, काव्या, आशू, गोलू, जादू भूत पर भानगढ़ या भूत होने पर विश्वास ही नहीं करते हैं। इस बीच उनमें से एक दोस्त भानगढ़ के बारे में गूगल करके देखता है। उन्हें इस बात पर विश्वास ही नहीं होता है कि इंडिया ऐसी भी कोई जगह हो सकती है जहां पर भूतों का डेरा है। बस इसी बात को प्रुव करने के लिए कि ऐसा कोई भूत नहीं होता वह भानगढ़ चले जाते हैं।

    जय काव्या, आशू, गोलू औऱ जादू भानगढ़ जाते हैं। वहां पर काफी देर तक घूमने के बाद कुछ महसूस नहीं होता है तो वह रानी रत्नावती का मजाक चिल्ला चिल्ला कर उड़ाते हैं। वह कहते हैं। उनमें से एक दोस्त कहता है कि रानी रत्नावती आप दिल्ली आमंत्रित हैं। बस वहां से वह दिल्ली वापस चल देते हैं।

    वापस लौटने पर इन दोस्तों का जीवन तबाह होने लगता है। तांत्रिक विद्या कहें या क्या लेकिन धीरे-धूरे सभी दोस्तों की मती भ्रष्ट हो जाती है। वह खुद ही एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। जादू का एक्सिडेंट हो जाता है। जय की गर्लफ्रेंड उसे छोड़कर चली जाती है। गोलू इतना डर जाता है कि वह घर से बाहर नहीं निकलता है औऱ तांत्रिक के द्वारा जादू टोने से बचने के सहारा खोजने लगता है। उनमें से ही एक दोस्त अंकल (विक्रम) की मानसिक स्थिति खराब हो जाती है। इतनी खराब की वह अपने दोस्तों को एक एक कर जान से मारने की सोचने लगता है। अंकल (विक्रम) धारधार हथियार लेकर अपने दोस्तों की हत्या करने निकल पड़ता है।

    लेकिन इस बीच नए उभरते राइटर मंगेश के बारे में पता चलता है कि वह नहीं रहा। इस कहानी का सबसे बड़ा रहस्य यही है। अंत में मंगेश की आत्मा मानसिक रूप से पीड़ित हो चुके अंकल (विक्रम) को खत्म कर देता है। बताया जाता है कि वहां से लौटने के बाद रानी रत्नावती की आत्मा औऱ तांत्रिक उनके पीछा करते हुए आ गए थे। जिससे उनका पूरा जीवन अस्त व्यस्त हो गया।

    दरअसल, यह फिल्म जितेंद्र पवार ने निर्देशित की है। फिल्म में गाने भी युवा सिंगरों ने गाए हैं जो काफी पसंद आ सकते हैं। फिल्म की पूरी कहानी में स्सपेंस और रहस्य बनाकर रखा गया है।

    English summary
    Bhangarh the Asia's most haunted place. A trip to Bhangarh movie review.
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