»   » Review ..ये चोर आपकी जिंदगी के कीमती समय चुरा ले जाएगा..

Review ..ये चोर आपकी जिंदगी के कीमती समय चुरा ले जाएगा..

Written By:
Subscribe to Filmibeat Hindi
Rating:
2.0/5

कास्ट- रितेश देशमुख, विवेक ओबरॉय, रेहा चक्रवर्ती, भुवन अरोड़ा, विक्रम थापा
प्रोड्यूसर और डायरेक्टर - बंपी
लेखक- बलजीत सिंह, बंपी, ओंकार साने, इशिता मोइत्रा उड़वानी (स्क्रीनप्ले)
शानदार पॉइंट - कुछ भी नहीं
निगेटिव पॉइंट - जोक्स, लेखनी
शानदार मोमेंट - फिल्म में कहीं कहीं स्पार्क है लेकिन वो टिक नहीं पाता

प्लॉट

प्लॉट

चंपक (रितेश देशमुख) और उनके दो हेल्पर गुलाब (भुवन अरोड़ा) और गेंदा (विक्रम थापा) एक बैंक को हाइजैक करते हैं और सभी को बंधक बना लेते हैं। चंपक का बैंक लूटने का मकसद थोड़ा अलग है। वो अपने पापा की बाईपास सर्जरी के लिए बैंक लूटना चाहता है।

प्लॉट

प्लॉट

सीबीआई ऑफिसर अमजद खान (विवेक ओबरॉय) रितेश देशमुख के प्लान को फेल करना चाहते हैं और कुछ ऐसे डायलॉग बोलते हैं कि"क्रीमिनल की हड्डियां नहीं तोड़ते..उनके हिम्मत तोड़ता हूं मैं।" वहीं गायत्री (रेखा चक्रवर्ती) एक न्यूज रिपोर्टर है जो क्राइम सीन का लाइव अपडेट देती है। इन सब के बीच अमजद को समझ आता है कि इन सबके पीछे कुछ भी है और वो लगातार इस मिशन में लगे हुए होते हैं।

डायरेक्शन

डायरेक्शन

फिल्म के मेकर्स हमेशा अलग तरह के प्रमोशनल कैपेंन के साथ आए लेकिन दुख की बात है कि फिल्म के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है। डायरेक्टर बंपी की इस फिल्म में कैरेक्टर को पूरी तरह से बेवकूफ है जो भोलेपन के नाम पर अजीबो गरीब जोक्स बोलता है वो भी पूरी तेजी के साथ। बैंक चोर जबरदस्ती 120 मिनट तक खींची गई फिल्म है। फिल्म में आपके सिर्फ वन लाइनर सुनने को मिलेंगे और बहुत ही लाउड एक्सप्रेशन।

परफॉर्मेंस

परफॉर्मेंस

रितेश देशमुख अपनी कॉमिक टाइम और शानदार कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार वो भी इस फिल्म में गड़बड़ करते ही नजर आ रहे हैं। इसका कारण हालांकि रितेश देखमुख नहीं बल्कि फिल्म जैसे लिखी गई है वो है। विवेक ओबरॉय जो देश के सबसे अंडररेटेड एक्टर हैं उन्हें फिल्म में सिर्फ अपनी मूछें घुमाते और टफ लुक देते नजर आए हैं। इसे बस टैलेंट की बरबादी ही कहा जा सकता है। रेहा चक्रवर्ती ने अपना काम बखूबी किया है । भुवन अरोड़ा और विक्रम थापा भी बिल्कुल साइड किरदार हैं जो हम बॉलीवुड फिल्मों में देखते हैं। हालांकि उनका अपना शानदार मोमेंट है। साहिल वैद्य फिल्म में अकेले थ्रिलिंग पार्ट हैं। और हां फिल्म में बाबा सहगल भी हैं।

तकनीकी पक्ष

तकनीकी पक्ष

अदिल अफसर की सिनेमेटोग्राफी में कुछ भी खास नहीं है लेकिन फिल्म के साथ फिट बैठती है। सौरभ कुलकर्णी को थोड़ी और अच्छी एडिटिंग कर सकते थे। फिलम थोड़ी छोटी की जा सकती थी।

म्यूजिक

म्यूजिक

फिल्म में गानों का कोई स्कोप नहां है और ये काफी राहत देने वाली बात है।

Verdict

Verdict

आप बैंक चोर को धूम फ्रेंचाइजी का कजिन भी बोल सकते हैं। अगर आपको 'भेजा फ्राई' इंटरटेनमेंट नहीं पसंद है तो इस फिल्म से दूर रहना बेहतर है।

English summary
Bank Chor movie reivew story plot and rating,
Please Wait while comments are loading...