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जरा बताओ मुझे, ऑस्कर के लिए बर्फी ही क्यों?

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हमेशा लीक से हटकर फिल्में बनाने वाले और लोगों से अलग सोच रखने वाले निर्माता-निर्देशक रितुपर्णो घोष ने अनुराग बसु की बर्फी पर सवालिया निशान लगाया है। बंगाली निर्देशक ने टि्वटर पर लिखा है कि क्या बर्फी का आॉस्कर में जाना सौ प्रतिशत सही है। हमेशा ऑस्कर के लिए बॉलीवुड को ही प्राथमिकता क्यों दी जाती है क्या क्षेत्रीय फिल्में इस काबिल नहीं है कि उन्हें पुरस्कार से नवाजा जाये।

हालांकि मैने बर्फी देखी नहीं है इसलिए मैं फिल्म पर टिप्पणी नहीं करूंगा लेकिन यह सच है कि हमेशा क्षेत्रीय सिनेमा को नजरअंदाज किया जाता है। मैं भेदभाव की इस प्रक्रिया से काफी नाराज और आहत हूं। पिछले पांच सालों में केवल दो क्षेत्रीय फिल्में- मराठी फिल्म 'हरीशचंद्राची फैक्टरी' (2009) और मलयालम फिल्म 'अदामिंटे मकेन अबु' (2011) को ऑस्कर के लिए भेजा गया है।

आपको बता दें कि जब से अनुराग बसु की फिल्म बर्फी को आस्कर  के लिए भेजने की बात हुई है तब से ही बर्फी सवालों के घेरे में हैं। किसी ने उस पर कहानी की चोरी का आरोप लगाया है तो किसी ने कहा कि बर्फी से अच्छी और भी फिल्में हैं पुरस्कार के लिए ,लेकिन बड़े नामों के चलते बर्फी को ऑस्कर में भेजा जा रहा है।

गौरतलब है कि अनुराग बसु की बर्फी 14 सितंबर को पर्दे पर रिलीज हुई है। फिल्म में रणबीर कपूर, प्रियंका चोपड़ा और इलियाना डीक्रूज मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म में रणबीर गूंगे-बहरे की भूमिका है। 70 के दशक की कहानी को देखकर लोग काफी चकित हैं। फिल्म बॉक्सऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही है। कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने अभी तक 76 करोड़ का बिजनेस कर लिया है।

English summary
Why Barfi for Oscars, asks Rituparno Ghosh on Twitter. Why all Indian Oscar nominations have come from Bollywood he Asked.
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