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    #FirstReview: तुम्हारी सुलु, इस साल के सारे अवार्ड्स अभी से बुक कर दीजिए!

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    Tumhari Sulu Public Review: Vidya Balan | Manav Kaul | Neha Dhupia | FilmiBeat

    खाड़ी देशों में विद्या बालन स्टारर तुम्हारी सुलु रिलीज़ हो चुकी है और वहां के क्रिटक्स ने सुनहरे अक्षरों में फिल्म का भाग्य तय कर दिया है। खाड़ी देशों के क्रिटिक्स के अनुसार विद्या बालन के शानदार प्रदर्शन से आपका दिल खुश हो जाएगा।

    वहीं फिल्म की हर बात इतनी खास है कि आप मुस्कुराते रह जाएंगे। फिल्म छोटे बजट की शानदार फिल्म है और उतने ही जतन के साथ बनाई गई है, जितने जतन के साथ आप इसे देखेंगे।

    फिल्म ने पहले ही सीन से आपको बांधने की कोशिश की है, पर हल्के फुल्के माहौल के साथ। एक कॉलर रात में विद्या को फोन कर उससे अपनी मुश्किल बांटता है। कॉलर की मुश्किल ये है कि वो दो बहनों से एक साथ प्यार करता है।

    इसलिए कॉलर सुलु से अपनी परेशानी का हल मांगता है। लेकिन सुलु इस अजीब सी, फूहड़ परेशानी को भी मज़ेदार बनाती है। जवाब ये है कि मटर के दानों को पनीर में डाला जाए या आलू में।

    जानिए फिल्म की पूरी समीक्षा, गल्फ न्यूज़ के अनुसार -

    रात की रानी नहीं बल्कि समझदार सुलु

    रात की रानी नहीं बल्कि समझदार सुलु

    सुलु भरे ही रात के शो करती है लेकिन फिर भी इसमें कुछ भी अल्हड़, फूहड़ या अश्लील नहीं है। सुलु के किरदार में ही इतनी गर्माहट और सूझबूझ है।

     विद्या की शानदार नई पारी

    विद्या की शानदार नई पारी

    ये एक तरह से विद्या बालन की शानदार नई पारी है। उनको स्क्रीन पर देखने में बहुत मज़ा आएगा। वो नेशनल अवार्ड जीती हुई एक्ट्रेस हैं और ये अवार्ड उन्हें क्यों मिलते रहते हैं, ये आपको फिल्म देख कर समढ आएगा।

     कभी ना हारने वाली सुलु

    कभी ना हारने वाली सुलु

    सुलु भले ही पढ़ी लिखी नहीं है, लेकिन इस डिग्री की कमी, वो अपने बर्ताव और कभी हार ना मानने वाले एटीट्यूड से पूरा कर देती है।

    प्यारा सा परिवार

    प्यारा सा परिवार

    फिल्म हर मध्यम वर्गीय परिवार की कहानी है। एक मां जो अपने बच्चों के स्कूल में नींबू चम्मच रेस भी जीत जाती है, अपने पति को भी छेड़ लेती है और रिश्तेदारों को जवाब देने के बाद रात में एक सेक्सी रेडियो जॉकी भी है।

    सुरेश त्रिवेणी का बेहतरीन डायरेक्शन

    सुरेश त्रिवेणी का बेहतरीन डायरेक्शन

    जितनी सच्चाई से ये फिल्म बनी है, वही इस फिल्म को विजेता बना देती है। इस फिल्म में कुछ भी दिखावटी नहीं है। हर किरदार इतनी सच्चाई से परदे पर ज़िंदा होता है कि आप उससे जुड़े बिना रह नहीं पाएंगे।

    नहीं मिलती ऐसी फिल्में

    नहीं मिलती ऐसी फिल्में

    फिल्म का पहला हाफ एक साधारण से परिवार के हर दिन की कहानी है। हर दिन कैसे जूझा जाता है, कैसे खुश रहा जाता है, कैसे दुख को दूर करने की कोशिश की जाती है। इन्हीं सब बातों पर फोकस किया गया है।

    सेकंड हाफ में ढीली पड़ती है

    सेकंड हाफ में ढीली पड़ती है

    फिल्म जहां पहले हाफ में बांधे रखती है, वहीं दूसरे हाफ में अपनी पकड़ छोड़ती दिखती है क्योंकि कहानी का बोझ, दर्शक नहीं उठाना चाहेगा।

    ज़्यादा ट्विस्ट और मेलोड्रामा

    ज़्यादा ट्विस्ट और मेलोड्रामा

    फिल्म का ट्विस्ट ज़बर्दस्ती डाला गया है और आराम से चल रही एक फिल्म में झटके डालने की कोशिश, अच्छी नहीं लगती है। दर्शक उन झटकों को लेना नहीं चाहता और ये फिल्म में स्पीड ब्रेकर बन जाते हैं।

    बेहतरीन सपोर्टिंग कास्ट

    बेहतरीन सपोर्टिंग कास्ट

    फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट ने अपना काम बहुत ही अच्छे से किया है। चाहे वो मानव कौल के पति का किरदार हो या नेहा धूपिया के बॉस का। हर कोई, अपने किरदार के साथ न्याय करता दिखता है।

    दिल से प्यारी सुलु

    दिल से प्यारी सुलु

    सुलु दिल से बनाई गई फिल्म है और केवल इसलिए इसे देखना ज़रूर चाहिए। फिल्म एक पारिवारिक ड्रामा है, कुछ बेहतरीन एक्टर्स के साथ। इसलिए ये फिल्म कतई मत छोड़िए!

    English summary
    Tumhari sulu First review: Gulf critics hail Vidya Balan.
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