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कुंडली भी कहती है कि पैरोल को लेकर फंस सकते हैं संजय दत्त

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अभिनेता संजय दत्त एक बार फिर से अपने बढ़े हुए पैरोल अवधि को लेकर चर्चा में हैं। हाई कोर्ट ने जहां उनके पैरोल पर सवालिया निशान लगाये हैं वहीं दूसरी ओर होम मिनिस्टरी ने भी संजय दत्त के पैरोल पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। जिसकी वजह से आने वाले दिन अभिनेता संजय दत्त के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं। तो वहीं उनकी कुंडली भी संजय दत्त के आने वाले दिनों के लिए कुछ खासा अच्छी बातें नहीं कहती है।

अभिनेता संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959 को दोपहर 2.45 बजे मुंबई में हुआ था। सुनील दत्त और नरगिस दत्त की वे पहली संतान हैं। उनकी दो बहनें हैं। कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त और नम्रता गौरव।

संजय दत्त को कई बार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा।

उनका जन्म कृत्तिका नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ जिसमें चंद्र के उच्च के होने के कारण उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में ख्याति अर्जित की।

आजकल संजय दत्त को जेल होने के बारे ज्योतिषी बहुत बातें कर रहे है , संजय दत्त की कुण्डली के अनुसार समय संजय दत्त को गुरु की महादशा चल रही है जो की 2-04-1998 से 24-04-2014 तक चलेगी।

लग्न वृश्चिक (८ ) शनी 2रे भाव में , केतू 5वें भाव , चन्द्रमा 7वें भाव में , सूर्य +बुध 9वें भाव में , शुक्र+मंगल 10वें भाव में , राहू 11वें भाव में , गुरु 12वें भाव में साथ ही चन्द्रमा से भी ८ भाव का स्वामी होकर 6 वें भाव में हैं।

यदि संजय दत्त की कुंडली पर दृष्टि डाली जाये तो लग्न (शरीर) का स्वामी मंगल 9 अंश का मजबूत होकर दशम भाव में बैठा है। इस कारण उनका शरीर हृष्ट-पुष्ट रहेगा। पर सप्तम भाव में चंद्र उच्च का होकर मात्र 1 अंश का और कमजोर होने के कारण वे भावुक हृदय के रहेंगे। संजय दत्त का जन्म वृश्चिक लग्न में हुआ है। उनका लग्न उन्हें अदम्य साहस प्रदान कर रहा है।

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बंधन योग

बंधन योग

जन्म के ग्रहों में चंद्र मात्र 1 अंश और बुध तथा महादंडनायक शनि वक्री हैं। जन्म के वक्री ग्रह या गोचर के वक्री ग्रह या उनकी दशा, अंतर्दशा अथवा प्रत्यंतर्दशा आ जाए तो भी जातक को महाकष्ट एवं बंधन योग प्राप्त होता है। यह सूत्र पराशर होरा शास्त्र में वर्णित है और अनुभूत है।

संजय दत्त का वैवाहिक जीवन

संजय दत्त का वैवाहिक जीवन

संजय दत्त ने 1987 में ऋचा शर्मा के साथ विवाह किया। शर्मा की ब्रेन ट्यूमर (मस्तिष्क की गाँठ) के कारण 1996 में मृत्यु हो गई। इस दम्पति के घर में 1988 में एक लड़की ने जन्म लिया जिसका नाम त्रिशाला है और वो दत्त की पत्नी की मृत्यु और उनकी हिरासत के बाद अपने नाना-नानी के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका

में रहती है। संजय दत्त ने दूसरा विवाह मॉडल रिया पिल्लई के साथ 1998 में हुआ। लेकिन 2005 में उनका तलाक हो गया।

संजय दत्त की तीसरी शादी

संजय दत्त की तीसरी शादी

संजय दत्त ने दो वर्ष डेटिंग करने के बाद 2008 में गोवा में एक निजी दावत में मान्यता (जन्म का नाम: दिलनवाज़ शेख) के साथ विवाह किया। 21 अक्टूबर 2010 वो दो जुड़वा बच्चों के पिता बने जिनमें लड़के का नाम शहरान और लड़की का नाम इक़रा रखा.।

कष्टों का सामना करना पड़ेगा

कष्टों का सामना करना पड़ेगा

गुरु भी संजय की कुंडली में विपरीत ग्रह शुक्र के घर, 12वें भाव में बैठा है जो बंधन योग का मुख्य कारक होता है। उस समय इस भाव में बैठे बृहस्पति ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया था। उन्हें विभिन्न कष्टों का सामना करना पड़ेगा।

उतार-चढ़ाव का सामना. करना पड़ेगा

उतार-चढ़ाव का सामना. करना पड़ेगा

कई बार उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। पर गुरु के मार्गी तथा शुक्र के अस्त होने पर उन्हें आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलने के आसार हैं। संजय दत्त को

वक्री ग्रहों ने व्यूह में फांस रखा है उस व्यूह से मुक्ति पाने के लिए विशेष पूजा अनुष्ठान की आवश्यकता है, तभी लाभ हो सकता है..।

English summary
This Time is not good For Sanjay Dutt, so he takes precautions said his Kundali.
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