विवादित लेखिका तस्लीमा पर कोई फिल्म नहीं बनेगी

उनके उपन्यास 'शोध' और 'निमंत्रण' पर फिल्म निर्माण के प्रस्ताव के बारे में खुद तसलीमा ने कहा कि करार पर हस्ताक्षर कर लेने के बाद भी निर्देशकों ने अचानक ही इस फिल्म को बनाने से मना कर दिया है।
लेखिका का कहना है कि हो सकता है निर्देशकों पर दबाव दिया गया हो। मुझे नहीं पता कि उनके साथ क्या हुआ। किसने उन्हें फिल्म बनाने से रोका।
कट्टरपंथियों के विरोध के बाद इनकी बुक निर्वासन के विमोचन को रद्द कर दिया गया। लेकिन सूत्र का कहना है कि उनकी यह किताब विरोध के बाद भी काफी पॉपुलर हो गई है। अब तक इसकी एक हजार से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं। इस बुक में भी विषय वस्तु विवादास्पद नहीं है।
इस विरोध के बारे में तसलीमा का कहना है कि यह पुस्तक कहीं से भी मुद्दा नहीं है। तस्लीमा मुद्दा है विरोध का। उन्होंने कहा, 'न तो कट्टरपंथियों और न ही सरकार के लोगों ने पुस्तक पढ़ी है। अगर कोई 'तस्लीमा फ्लावर शो' का आयोजन करता है, तो वो उसपर भी प्रतिबंध लगाने की मांग करेंगे।
आपको बता दें कि तस्लीमा को अपने उपन्यास 'लज्जा' के जरिए कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के बाद 1994 में बांग्लादेश छोड़कर जाना पड़ा।


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