For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    मैं श्रीदेवी के बारे में सब सच बताना चाहता हूं - दीवालिया हो गई थीं, एक फूटी कौड़ी नहीं बची

    |
    Sridevi was in Huge debts when Boney Kapoor enters her life, says Ram Gopal Varma | FilmiBeat

    रामगोपाल वर्मा ने एक बार फिर श्रीदेवी के नाम खत लिखा है। उनका कहना है कि वो जितना कुछ श्रीदेवी के बारे में जानत हैं, फैन्स को बताना चाहते हैं। पढ़िए रामगोपाल वर्मा का खत -

    मैंने बहुत सोचा कि मैं ये लिखूं या नहीं लिखूं, लिखने के बाद डालूं या नहीं डालूं, इस खत में इस्तेमाल हुए कुछ नाम के कारण। लेकिन फिर मुझे लगा कि श्रीदेवी किसी से भी ज़्यादा अपने पैन्स की थी और उनके फैन्स का हक है श्रीदेवी के बारे में वो सब जानना जो उन्हें मालूम होना चाहिए।

    श्रीदेवी के फैन्स के नाम मेरा लव लेटर - राम गोपाल वर्मा

    हां, आप जैसे करोड़ों फैन्स की तरह मुझे भी लगता था कि श्रीदेवी को पाना अनमोल चीज़ होगी और उन्हें पाने की चाहत रखना भी। वो इस सदी की सबसे बड़ी सुपरस्टार थीं और मेन हीरोइन के तौर पर उन्होंने 20 साल तक इंडस्ट्री पर राज किया है।

    पर ये कहानी का केवल एक हिस्सा है। उनकी मौत पर कितना भी दुखी हो जाउं या सदमे में रहूं, आखिरकार ये फिर याद आ ही दया कि जीवन और मौत दोनों बहुत ही आकस्मिक हो सकते हैं। निष्ठुर और कठोर हो सकते हैं।

    sridevi-dieas-at-54-an-insecure-unhappy-woman-claims-ram-gopal-varma

    उनकी मौत के बाद, मेरे पास काफी कुछ है बोलने के लिए। हर कोई केवल ये कह रहा है कि क्या खूबसूरती थी, क्या एक्ट्रेस थी, उनकी मौत सदमा दे गई, आत्मा को शांति मिले, वगैरह वगैरह। लेकिन मेरे पास और भी बहुत कुछ है बताने के लिए।

    मैं लिखता जा सकता हूं इस बारे में लेकिन मेरे आंसू रूकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं -

    परदे पर सब चमचमाता है

    परदे पर सब चमचमाता है

    मैंने उनके साथ दो फिल्मों में काम किया, इसलिए मैं उनके बहुत ज़्यादा करीब रह चुका हूं। उनकी ज़िंदगी एक सेलिब्रिटी का परफेक्ट उदाहरण है कि कैसे परदे के सामने सब चमचमाता है लेकिन पीछे कितना अंधेरा है ये कोई नहीं जानता है।

    बाहर से सब अच्छा था

    बाहर से सब अच्छा था

    बहुत लोगों के लिए श्रीदेवी की ज़िंदगी परफेक्ट थी - खूबसूरत चेहरा, शानदार टैलेंट, अच्छा परिवार, दो प्यारी बेटियां। बाहर से सब कुछ अच्छा। हर किसी को ऐसी ज़िंदगी से जलन हो। पर क्या श्रीदेवी सच में इतनी खुश थीं?

    आज़ाद पंछी को कैद किया गया

    आज़ाद पंछी को कैद किया गया

    मैं उनकी ज़िंदगी को हमारी पहली मुलाकात से जानता हूं। उनके पिता के रहने तक वो बिल्कुल आज़ाद पंछी थी जो आसमान में उड़ रही थी। लेकिन पिता की मौत के बाद, उनकी मां, मां कम, पहरेदार ज़्यादा थी उन्हें पिंजरे में कैद कर दिया गया।

    सबने दे दिया धोखा

    सबने दे दिया धोखा

    उन दिनों, एक्टर्स को टैक्स बचाने के लिए पैसों का पेमेंट काले धन में किया जाता था। उनके पिता ये पैसा उन लोगों के पास रखवाते थे जिन पर उन्हें बहुत ही ज़्यादा भरोसा था। लेकिन पिता की मौत के साथ ही सबने उन्हें धोखा दे दिया।

    फूटी कौड़ी नहीं बची थी

    फूटी कौड़ी नहीं बची थी

    इसके बाद उनकी मां ने हर गलत जगह, बचा हुआ पैसा इनवेस्ट कर दिया नतीजा ये हुआ कि एक समय पर श्रीदेवी के पास एक फूटी कौड़ी भी नहीं थी। इसी समय बोनी कपूर उनकी ज़िंदगी में आए। लेकिन वो भी कर्ज़ में थे। केवल रोने के लिए कंधा दे सकते थे।

    बहन ने भी दिया धोखा

    बहन ने भी दिया धोखा

    श्रीदेवी की मां का अमरीका में दिमाग का एक गलत इलाज हुआ और इसी दौरान उनकी छोटी बहन श्रीलता, अपने पड़ोसी के साथ शादी करने के लिए भाग गई। मां ने मरते वक्त सारी प्रॉपर्टी श्रीदेवी के नाम कर दी। लेकिन बहन ने केस कर दिया कि मां तो दिमागी संतुलन खो चुकी थी।

    अकेली घुट रही थीं श्रीदेवी

    अकेली घुट रही थीं श्रीदेवी

    तो वो औरत, जिसे पूरी दुनिया पाना चाहती थी, असल ज़िंदगी में अकेली थी और पैसों कि किल्लत में जी रही थी। उनके पास कोई नहीं था सिवाय बोनी के।

    बोनी की मां ने की बेइज़्जती

    बोनी की मां ने की बेइज़्जती

    बोनी की मां ने श्रीदेवी को घर तोड़ने वाली औरत कहा और एक होटल में सबके सामने बोनी की पहली पत्नी मोना के साथ ऐसा करने के लिए उनके पेट पर घूसा मारा। कुल मिलाकर, इंग्लिश विंग्लिश की थोड़ी सी चमक छोड़कर, श्रीदेवी अपनी पूरी ज़िंदगी एक दुखी औरत रहीं।

     बहुत सारे उतार चढ़ाव

    बहुत सारे उतार चढ़ाव

    भविष्य का कोई भरोसा नहीं होना, जीवन में इतने उतार चढ़ाव उन्हें गहरे ज़ख्म दे गए। वो कभी शांति से नहीं जी पाई। उन्होंने ज़िंदगी में बहुत कुछ देखा। बाल कलाकार के रूप में करियर बनाने के कारण, वो नॉर्मल तरीके से बड़ी भी नहीं हो पाईं।

     अंदर से बहुत कमज़ोर हो गई थीं

    अंदर से बहुत कमज़ोर हो गई थीं

    बाहरी शांति से ज़्यादा वो अपने ज़ेहन में ही कभी शांत नहीं हो पाईं। ये काफी चिंताजनक था। वो इसके लिए कुछ नहीं कर रही थी। वो सबसे खूबसूरत महिला था लेकिन क्या वो खुद को खूबसूरत लगती थीं? हां और इसलिए उन्हें डर था कि ये खूबसूरती ढल जाएगी।

    सर्जरी पर सर्जरी करवा रही थीं

    सर्जरी पर सर्जरी करवा रही थीं

    वो समय समय पर, सालों तक सर्जरी करवाती रहीं जो उनके चेहरे पर एकदम साफ दिखता था। वो हमेशा बंद रहती थीं। उन्होंने अपने चारों तरफ एक दीवार बनाई थी। वो नहीं चाहती थीं कि किसी को उनकी असलियत पता चले। वो डर जाती थीं, अगर कोई भांप भी ले तो।

    उनकी कोई गलती नहीं थी

    उनकी कोई गलती नहीं थी

    इन सब बातों में उनकी कोई गलती नहीं थी। वो बहुत कम उम्र में फेम पा चुकी थी इसलिए उन्हें कभी मौका नहीं मिला ये सोचने का कि अपने दम पर वो क्या कर सकती थीं या क्या बन सकती थीं। वो केवल कैमरा के लिए मेकअप लगाती थीं लेकिन असल में मुखौटा पहन लेती थीं।

    हमेशा दूसरों के इशारे पर नाचीं

    हमेशा दूसरों के इशारे पर नाचीं

    उन्होंने हमेशा दूसरों के इशारे पर ज़िंदगी बिताई - माता, पिता, रिश्तेदार, पति और काफी हद तक बेटियां। उन्हें डर था कि उनकी बेटियों को लोग अपनाएंगे या नहीं। वो एक बच्ची थीं, एक बड़े से जिस्म में बंधी हुई।

    कड़वे अनुभव बहुत ज़्यादा

    कड़वे अनुभव बहुत ज़्यादा

    वो मासूम थीं लेकिन हर बात पर शक करती थीं क्योंकि ज़िंदगी में इतना कुछ हो चुका था। सब कड़ुवे अनुभवों का नतीजा था। और ये उनके लिए अच्छा नहीं था। उनकी मौत पर काफी कयास लगाए गए। मैं नहीं लगा रहा।

    भगवान उन्हें सुकून दे

    भगवान उन्हें सुकून दे

    मैं किसी को मरने पर आत्मा को शांति मिले जैसी चीज़ें नहीं कहता पर श्रीदेवी के लिए कहना चाहता हूं। क्योंकि मैं सच में मानता हूं कि अब जाकर उन्हें सुकून मिला होगा और वो आराम करेंगी।

    एक ही समय सुकून में दिखतीं

    एक ही समय सुकून में दिखतीं

    मेरे अनुभव से वो एक ही टाइम सुकून में दिखती थीं एक्शन और कट के बीच में। क्योंकि तब वो सब झंझटों से दूर अपनी दूसरी दुनिया में, किसी और के संसार में चली जाती थीं। अपने किरदार की ज़िंदगी जीने के लिए भाग जाती थीं। इसलिए मुझे लगता है कि वो अब हमेशा सुकून में रहेंगी। क्योंकि जो कोई भी उन्हें दुख देता था वो उन सबसे बहुत दूर हैं।

    हमने श्रीदेवी के साथ गलत किया

    हमने श्रीदेवी के साथ गलत किया

    श्रीदेवी भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे लेकिन दुनिया शांति से कभी नहीं जी पाएगी क्योंकि उसने तुम्हारे साथ ऐसा किया। हमने केवल तुम्हें दर्द दिया है। मैं देख सकता हूं कि अब तुम आजा़द आसमान में उड़ रही हो। आंखों में खुशी लिए।

    वापस ज़रूर आना श्रीदेवी

    वापस ज़रूर आना श्रीदेवी

    मैं पुनर्जन्म में विश्वास नहीं करता लेकिन चाहता हूं कि ऐसा हो और फैन्स को एक बार फिर तुम्हें देखने का मौका मिले। और इस बार वो गलतियां ना दोहराएं जो पिथली बार हुईं। हमे ये मौका ज़रूर देना श्रीदेवी, हम सब तुमसे बहुत प्यार करते हैं।

    English summary
    Sridevi dieas at 54: an insecure and unhappy woman claims Ram Gopal Varma in yet another letter.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X