संजय दत्त के जेल जाने पर मीडिया में हुई स्पॉट फिक्सिंग
मुंबई। बॉलीवुड के खलनायक संजय दत्त जैसे ही इंपीरियल हाइट्स घर से निकले, उनके पीछे-पीछे इलेक्ट्रॉनिक चैनल के कैमरे चल पड़े। मुंबई की सड़कों का मंजर ठीक वैसा ही था, जब अन्ना हजारे अपने घर से अनशन के लिये निकले थे और मीडिया उनके पीछे-पीछे राजघाट तक और फिर जंतर-मंतर तक। टीवी चैनलों के लिये संजय दत्त भी आज किसी अन्ना से कम नहीं। शायद यही कारण है कि जो लोग टीवी पर प्रसारण देख रहे हैं, उन्हें संजू बाबा के जेल जाने पर दु:ख के बजाये मीडिया पर गुस्सा आ रहा है। यह गुस्सा ट्विटर पर साफ देख सकते हैं।
ट्विटर पर लोग अपने गुस्से को इसलिये बयां कर रहे हैं, क्योंकि वो अपराध को अपराध मानते हैं, फिर चाहे संजय दत्त ने किया हो या फिर संजय सिंह ने। उनके लिये अपराध की श्रेणी में आम आदमी और बॉलीवुड सेलेब्रिटीज में कोई फर्क नहीं। हां फर्क पड़ रहा है, उन लोगों को जो संजय दत्त के लिये जान देते हैं, वो लोग जिनका पैसा संजय दत्त की फिल्मों में लगा हुआ है, उन लोगों को जो उन प्रोडक्शन हाउस से जुड़े हुए हैं, जो दत्त को लेकर फिल्म बना रहे हैं।
मीडिया के लिये यह ऐसा पहला वाक्या नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसे कवरेज देखने को मिल चुके हैं। जैसे कि जब ओबामा ने पहली बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उस समय भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने ओबामा के घर से लेकर व्हाइट हाउस का रास्ता ऐसे समझाया था, जैसे सुबह ऑफिस के लिये निकलने वाले आम आदमी को उसी रास्ते से जाना हो। खैर चूंकि हम भी मीडिया का ही एक हिस्सा हैं, लिहाजा ज्यादा कमेंट नहीं कर सकते। वैसे इसमें कोई शक नहीं कि संजय दत्त के लिये मीडिया कवरेज का यह स्पॉट आज पूरी तरह मुंबई पर फिक्स हो गया।


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