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संजय दत्त अब एक्टर नहीं सिर्फ कैदी!

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संजय दत्त भले ही जेल में जाते समय अपने चाहने वालों और दोस्तों की ढ़ेर सारी दुआएं लेकर गये हों लेकिन उनकी मुश्किल की इस घड़ी में अब धीरे-धीरे उनके चाहने वाले साथ छोड़ने लगे हैं। संजय दत्त अब लोगों के लिए कोई सुपरस्टार नहीं बल्कि एक मुजरिम और कैदी हैं। संजय दत्त के जेल जाने के कुछ ही दिनों में लोगों की राय धीरे-धीरे खुलकर सामने आने लगी है। लोगों का कहना है कि संजय दत्त एक मुजरिम हैं और उन्हें जेल में कैदियों की तरह ही रहना चाहिए। किसी भी तरह की कोई रियायत उनके साथ नहीं होनी चाहिए।

संजय दत्त को कोर्ट ने शुरुआती दिनों में कुछ समय के लिए घर का खाना मंगवाने और दवाइयों को जेल के अंदर पहुंचाने की इजाजत दी थी। लेकिन अब जब उन्हें मुंबई से पुणे की येरवदा जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है तो वहां के जेल प्रशासन का कहना है कि अब संजय दत्त को दी जाने वाली स्पेशल ट्रीटमेंट बंद कर देनी चाहिए। जेल प्रशासन ने इसकी अर्जी भी कोर्ट में दी है इस अर्जी पर जल्द ही सुनवाई होगी।

कई लोगों ने सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिेय ये कहना शुरु कर दिया है कि संजय दत्त अब एक कैदी हैं और एक मुजरिम। तो अब उन्हें बाकी कैदियों की तरह ही जेल में रहना चाहिए और साथ ही कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दी जानी चाहिए। आइये जानते हैं कि संजय दत्त को लेकर अब लोगों का क्या कहना है।

जेल के नियम सबके लिए एक हैं

जेल के नियम सबके लिए एक हैं

कालीराम तोमार का कहना है जेल में सभी एक समान होते हैं और जेल के नियम सभी के लिए एक हैं। फिर संजय दत्त को घर का खाना देने का कोई मतलब नहीं होता। संजय दत्त जेल गये थे और उन्हें कोर्ट ने घर का खाना खाने की मंजूरी दे दी थी। तब सबसे पहले मैंने ही इसका विरोध किया था।

खाना-पीना जेल का ही होना चाहिए

खाना-पीना जेल का ही होना चाहिए

माला कौशिक जो कि मेरठ की हैं का कहना है कि खाना पीना और रहना तो जेल का ही होना चाहिए। संजय दत्त अब एक एक्टर नहीं बल्कि एक मुजरिम हैं। जेल प्रशासन ने कोर्ट में अर्जी दी है ये एक सही कदम है। कोर्ट को इसपर जल्द से जल्द सुनवाई करनी चाहिए।

बड़े लोगों के लिए कोई कानून नहीं

बड़े लोगों के लिए कोई कानून नहीं

संजय दत्त को इस तरह जेल में रहे स्पेशल अंटेंशन से लोग काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि संजय दत्त एक मुजरिम हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्पेशल अटेंशन इसलिए मिल रही है क्योंकि वो एक एक्टर हैं। सुधीर जो कि मथुरा से हैं का कहना है कि बड़े लोगों के लिए कोई कानून नहीं होता।

सभी कैदियों को समानता के साथ रखा जाए

सभी कैदियों को समानता के साथ रखा जाए

रजनीश जो कि दिल्ली से हैं का कहना है कि हमें लगता है कि जेल में सभी कैदियों के साथ समानता का बर्ताव होना चाहिए। और सभी कैदियों की तरह ही संजय दत्त को भी रखा जाना चाहिए। उन्हें स्पेशल अटेंशन नहीं देनी चाहिए।

संजय दत्त अब एक कैदी हैं स्टार नहीं

संजय दत्त अब एक कैदी हैं स्टार नहीं

संजय दत्त अब एक कैदी हैं कोई स्टार नहीं जो उन्हें स्पेशल ट्रीटमेंट दी जा रही है। बाहर लोगों को जबसे ये पता चला है कि संजयदत्त को एक स्पेशल ट्रीटमेंट दी जा रही हैतो वो काफी नाराज हैं। लोगों ने तो मीडिये कोभी काफी कुछ बोला थाजब मीडियाने संजय दत्त को ढ़ेर सारी कवरेज दी थी।

English summary
Sanjay Dutt is getting home made food in jail as per court permission. Bur Yerwada Jail authorities fi8nds it wrong and filed the petition in Tada Court that Sanjay Dutt should not get special treatment anymore.

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