'मद्रास कैफे' के लिए सरकार ने इतिहास पढ़ा
भले ही सुजीत सरकार की फिल्म 'मद्रास कैफे' की रिलीज पर संकट के बादल मंडरा रहे है लेकिन फिल्म के निर्देशक सुजीत सरकार को पूरी उम्मीद है कि फिल्म अच्छे से और सही समय पर रिलीज होगी। सुजीत सरकार ने साफ किया है कि उनकी फिल्म में कुछ भी गलत ढंग से नहीं दिखाया गया है क्योंकि इतिहास की बात को सही ढंग से दिखाने के लिए मैंने और पूरी टीम ने इतिहास यानी अतित में हुई घटनाओं को जानने की पूरी कोशिश की है।
सरकार ने कहा कि फिल्म 'मद्रास कैफे' में श्रीलंका के गृहयुद्ध यानी बीते दौर का दृश्य और माहौल तैयार करना एक चुनौती थी। यह कोई सुपर हीरो या मारधाड़ वाली फिल्म नहीं है। यह इतिहास की सच्ची घटना पर आधारित है।"
सरकार कहते हैं कि ध्वनि और दृश्यों में वास्तविकता का आभास लाने के लिए उन्होंने असली गोलियों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि दर्शक जब फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर में प्रवेश करेंगे, तो वह उन्हें गृहयुद्ध के दौर में ले जाएंगे। उन्होंने कहा, "फिल्म के लिए हमने बहुत मेहनत की, शोध कार्य किया, किताबें पढ़ीं और इंटरनेट से भी जानकारियां हासिल कीं।"
मालूम हो फिल्म में लिट्टे संगठन के बारे में दिखाया गया है जिसके लिए कि फिल्म का विरोध हो रहा है। फिल्म के हीरो जॉन अब्राहम ही फिल्म के निर्माता है, फिल्म में उनके साथ नरगिस फाखरी और राशि खन्ना हैं। फिल्म 23 अगस्त को रिलीज हो रही है।


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