'ख्वाजा का इशारा' खुदा का हुक्म था- प्रसून जोशी

प्रसून जोशी ने इस बारे में बात करते हुए कहा "अजमेर शरीफ के साथ मेरा बहुत ही स्पेशल कनेक्शऩ है। जब मैं छोटा था तभी से मुझे इस जगह से बेहद लगाव है। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है और मैं खुद को बहुत ही भाग्यवान महूसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका मिला।" इस इवेंट का उद्घाटन अजमेर के अकबर किले पर अशोक घेलोट ने किया जो कि राजस्थान के चीफ मिनिस्टर हैं। इस महत्वपूर्ण इवेंट के बारे में बताते हुए प्रसून जोशी ने कहा "जब मैं छोटा था तभी से अजमेर शरीफ के साथ मेरा बहुत ही लगाव है। मैं बहुत ही सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका मिला है। जैसा कि लोग कहते हैं ये उनका हुक्म है जो कि सभी को नहीं मिलता। लेकिन ये सब संभव नहीं होता अगर मुझे बिना काक (राजनीतिज्ञ) जी का साथ ना मिलता।"
इस प्रार्थना गीत के बारे में बताते हए प्रसून जोशी ने लिखा मैंने इस गीत को हिन्दवी (हिन्दी और उर्दू मिक्स) ये एक ऐसी भाषालिपी है जो कि काफी पहले यूज की जाती थी। सोनू निगम ने इस गाने को बहुत ही खूबी के साथ गाया है और साथ ही साजिद वाजिद ने इसे कंपोज किया है। एसएम फासीहुद्दीन मोइनी जो कि दरगाह के एक मौला है ने कहा इस पीरियड लको उर्स कहा जाता है (सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की पुण्यतिथि जिनके सम्मान में हजरत ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह बनाई गयी है।) लोग इस समय कई सारे अच्छे काम करते हैं।"


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