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    'ख्वाजा का इशारा' खुदा का हुक्म था- प्रसून जोशी

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    मशहूर गीतकाल प्रसून जोशी जो कि कई सालों से अपने बेहतरीन गानों और गीतों के जरिये अपना एक मकाम हासिल किये हुए ने हाल ही मे अजमेर के हजरत ख्वाजा गरीब नवाज़ दरगाह की 801 वीं वर्षगांठ पर एक बेहतरीन गीत लिखा है। इस प्रार्थना गीत का टाइटल है ख्वाजा का इशारा। इस गीत का लांच 12 अपैल को एक बहुत ही स्पेशल साउंट और लाइट शो के साथ होगा।

    प्रसून जोशी ने इस बारे में बात करते हुए कहा "अजमेर शरीफ के साथ मेरा बहुत ही स्पेशल कनेक्शऩ है। जब मैं छोटा था तभी से मुझे इस जगह से बेहद लगाव है। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है और मैं खुद को बहुत ही भाग्यवान महूसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका मिला।" इस इवेंट का उद्घाटन अजमेर के अकबर किले पर अशोक घेलोट ने किया जो कि राजस्थान के चीफ मिनिस्टर हैं। इस महत्वपूर्ण इवेंट के बारे में बताते हुए प्रसून जोशी ने कहा "जब मैं छोटा था तभी से अजमेर शरीफ के साथ मेरा बहुत ही लगाव है। मैं बहुत ही सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं कि मुझे ये मौका मिला है। जैसा कि लोग कहते हैं ये उनका हुक्म है जो कि सभी को नहीं मिलता। लेकिन ये सब संभव नहीं होता अगर मुझे बिना काक (राजनीतिज्ञ) जी का साथ ना मिलता।"

    इस प्रार्थना गीत के बारे में बताते हए प्रसून जोशी ने लिखा मैंने इस गीत को हिन्दवी (हिन्दी और उर्दू मिक्स) ये एक ऐसी भाषालिपी है जो कि काफी पहले यूज की जाती थी। सोनू निगम ने इस गाने को बहुत ही खूबी के साथ गाया है और साथ ही साजिद वाजिद ने इसे कंपोज किया है। एसएम फासीहुद्दीन मोइनी जो कि दरगाह के एक मौला है ने कहा इस पीरियड लको उर्स कहा जाता है (सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की पुण्यतिथि जिनके सम्मान में हजरत ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह बनाई गयी है।) लोग इस समय कई सारे अच्छे काम करते हैं।"

    English summary
    Prasoon Joshi who has won accolades for his work through years has written a prayer song to mark the 801st anniversary of the Hazrat Khwaja Gharib Nawaz Dargah in Ajmer.
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