बर्लिन फिल्म महोत्सव में खूब पसंद की गई ‘पीपली लाइव’

अनुशा रिजवी के निर्देशन में बनी इस फिल्म का 'बर्लिनेल स्पेशल" खंड में प्रदर्शन हुआ था। इसका यहां 'सिनेमा पैरिस' में भी प्रदर्शन होगा। रिजवी ने कहा, "प्रतिष्ठित बर्लिन फिल्म महोत्सव में फिल्म का चयन होने पर बहुत अच्छा लग रहा है।
इसके प्रदर्शन के समय दर्शकों की जोरदार प्रतिक्रिया थी। वे फिल्म के लिए बहुत समर्पित हैं। मैं अपनी फिल्म के प्रदर्शन के लिए इंतजार नहीं कर सकती।" रिजवी ने बताया कि उन्होंने अपनी फिल्म की पटकथा ई-मेल के जरिए आमिर को भेजी थी। आमिर ने पटकथा पढ़ने के बाद इस फिल्म के निर्माण के लिए स्वीकृति दी थी।
बर्लिन से पहले सूडांस फिल्म महोत्सव के प्रतियोगिता खंड में इस फिल्म का प्रदर्शन हो चुका है। रिजवी की पहली फिल्म किसानों की आत्महत्याओं के प्रति मीडिया और राजनेताओं के रुख पर हमला करती है। फिल्म की पटकथा और रघुवीर यादव का अभिनय बेजोड़ है। इसमें ज्यादातर स्थानीय कलाकार हैं।
यह फिल्म अपना कर्ज चुकाने में असमर्थ दो गरीब किसानों की कहानी है। जब स्थानीय राजनेता इनकी मदद से इंकार कर देते हैं तब वे सरकार की एक योजना के तहत लाभ लेने की कोशिश करते हैं। इस योजना के तहत आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार को मदद पहुंचाई जाती है।
उन्हें लगता है कि एक जीवित किसान की अपेक्षा एक मृत किसान उनके परिवार के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है। एक पत्रकार दोनों किसानों के बीच चल रहे इस वार्तालाप को सुन लेता है और यहां से मीडिया इस खबर पर खेलना और किसान आत्महत्या करेगा या नहीं इस पर सर्वेक्षण कराना शुरू कर देता है। यह फिल्म जाति, वर्ग, राजनीति और मीडिया की मिली-जुली कहानी पेश करती है।


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