क्लासिकल संगीत के स्तंभ पंडित रविशंकर- देखें तस्वीरें
बॉलीवुड के जाने माने सितार वादक और संगीतज्ञ पंडित रविशंकर का आज 12 दिसंबर को अमेरिका के सैन डियेगो शहर के ला जोल्ला अस्पताल में निधन हो गया। रवि शंकर फाउंडेशन के अनुसार रविशंकर पिछले साल से दिल की बीमारी से पीड़ित थी और 6 दिसंबर को उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी। उनके निधन से बॉलीवुड सेलिब्रिटी से लेकर पॉलिटिकल सेलिब्रिटीस तक काफी दुखी हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक ने रविशंकर के निधन को लेकर ट्विटर पर शोक जताया है। आइये जानते हैं रविशंकर जी के सफर से जुड़ी कुछ बातें।
7 अप्रैल 1920 को जन्मे पंडित रविशंकर का असली नाम रोबिंद्रो शोनकर चौधरी है इनका जन्म वाराणसी में हुआ था रविशंकर जी को उनके बेहतरीन सितार वादन और संगीत के चलते पंडित उपनाम से भी बुलाया जाता था। बचपन से ही रविशंकर जी ने यूरोप और भारत के विभिन्न शहरों में अपने भाई के उदय शंकर के डांस ग्रुप के साथ परफॉर्मेंस दी। रविशंकर ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उस्ताद अल्लाऊद्दीन खाँ से प्राप्त की। अपने भाई उदय शंकर के डांस ग्रुप के साथ भारत और भारत से बाहर समय गुजारने वाले रविशंकर ने 1938 से 1944 तक सितार का अध्ययन किया और फिर स्वतंत्र तौर से काम करने लगे। उन्होंने को बतौर कंपोसर काम करना शुरु किया उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो, नई दिल्ली में 1949 से 1956 तक काम किया। बाद में उनका विवाह भी उस्ताद अल्लाऊद्दीन खाँ की बेटी अन्नपूर्णा से हुआ।
रविशंकर जी ने सत्यजीत रे की फिल्मों में भी बतौर कंपोसर काम किया। 1956 से उन्होंने यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स में भारतीय क्लासिकल संगीत को नये मकाम तक पहुंचाया। 1960 तक उन्होने अपनी शिक्षा और परफॉर्मेंस के जरिये और वायलिनिस्ट येहुदी मेनुहिन और रॉक आर्टिस्ट जॉर्ज हैरिसन के साथ जुड़कर क्लासिकर संगीत की पॉपुलैरिटी को काफी हद तक बढ़ा दिया। रविशंकर ने पार्लियामेंट ऑफ इंडिया के कई चैम्बरों में भी नॉमिनेट हुए। रविशंकर जी को 1999 में भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया। साथ ही ग्रैमी अवॉर्ड से भी उन्हें सम्मानित किया गया। 2000 में उन्होंने अपनी बेटी अनुष्का के साथ भी कई परफॉर्मेंस दीं।
रविशंकर जी को 1957 में संपन्न हुए बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान सिल्वर बीयर एकस्ट्राऑर्डिनरी प्राइज से नवाजा गया। फिर 1967, 1968 में उन्हें पद्म भूषण की उपाधि से और 1999 में भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। साल 2010 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के द्वारा ऑनरी डॉक्टर्स ऑफ लॉ से भी सम्मानित किया गया।
पंडित रविशंकर की जिंदगी की झलक तस्वीरों में


Click it and Unblock the Notifications











