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    पंडित रविशंकर का निधन संगीत का बड़ा नुकसान

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    पंडित रविशंकर के निधन की खबर आते ही लोगों के बीच में घनघोर निराशा फैल गयी है। बैंगलोर के आईटी कंपनी में काम करने वाले इंजीनियर मोहित श्रीवास्तव ने ट्विटर पर लिखा है कि जैसे ही ऑफिस पहुंचा वैसे ही एक पंडित रविशंकर के निधन की दुखद खबर से सामना हुआ जिसके कारण मन एकदम निराशा में भर गया है। पता नहीं एक के बाद एक भारत के नायाब सितारे क्यों हमें छोड़ कर जा रहे हैं? सितार की दुनिया के नायाब बादशाह पंडित ऱविशंकर की जगह आने वाले सौ सालों में भी कोई नहीं ले पायेगा. उनका निधन भारत और संगीत की दुनिया का बहुत बड़ा नुकसान है जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है।

    आपको बता दें कि सितार सम्राट पंडित रविशंकर का आज सुबह 6 बजे न्यूयार्क में निधन हो गया है। वो 92 साल के थे। सितार सम्राट पंडित रविशंकर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें 1999 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी बीमारी की खबर अमिताभ बच्चन ने कुछ दिन पहले दी थी और कहा था कि 92-वर्षीय सितार वादक हार्ट के ऑपरेशन के लिए कैलिफोर्निया में हैं।

    मालूम हो कि पंडित रवि शंकर का जन्म 7 अप्रैल 1920 को बनारस में हुआ था। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उस्ताद अल्लाऊद्दीन खाँ से प्राप्त की। अपने सितार की तान से भारत का नाम पूरी दुनिया में रौशन करने वाले पंडित रविशंकर को साल को कला के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा सन १९६७ में पद्म भूषण भी दिया गया था।
    English summary
    Pandit Ravi Shankar's Death is Big Loss People Wrote On Twitter.
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