आधे से ज्यादा गंवार सांसद बैठे हैं, संसद में : ओम पुरी

Om puri
आज सारा देश अन्ना हजारे के साथ है आज देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो बदलाव आंधी बह चली है उसमें सारा देश शामिल है। दिल्ली का रामलीला मैदान आज रणक्षेत्र बन गया है जहां भ्रष्टाचार की वधलीला रची जा रही है। हर एक शख्स का सपना है कि किसी भी तरह लोकपाल बिल पास हो जाए और आज अन्ना जी का अनशन खत्म हो जाए। आज के समय में हर कोई कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार का मारा है, हर इंसान चाहे वो इंजीनियर, डॉक्टर , आम इंसान हो या बॉलीवुड का कोई सुपर स्टार हर कोई अन्ना की आवाज़ बनने रामलीला मैदान पहुंच रहें हैं।

इस मैदान में आज जाने माने अभिनेता ओम पुरी भी आए थे जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जितने भी तीर कमान में रखे थे सब के सब छोड़ दिये। सबसे पहले उन्होंने संसद में बैठे नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आज संसद में बैठे आधे से ज्यादा नेता गंवार है। सरकार ऐसे लोगों को चुनाव के लिए टिकट क्यों अलॉट करती है। अगर कोई नेता चुनाव लड़ता है तो सबसे पहले इलेक्शन कमीशन द्वारा उस नेता का इम्तेहान लिया जाना चाहिए। अगर वह पास हो जाता है तो ही उसे चुनाव लड़ने की इजाजत दी जानी चाहिए।

अन्ना हजारे के इस पहल की सराहना करते हुए ओम पुरी ने कहा कि अन्ना ने आज पूरे देश को जगा दिया है। इनका नाम भी इतिहास में महान लोगों में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने क्रांती का बिगुल छेड़ा। इतना ही नहीं ओम पुरी ने यह भी कहा कि अन्ना की तस्वीर संसद में सबसे बड़े बदलाव को लाने वाले महापुरूषों के रूप में लगानी चाहिए।

ओम पुरी का अगला निशाना ऐसे लोग थे जो नोट के बदले वोट मांगते हैं , और फिर कुर्सी पर पहुंच कर जनता का शोषण करते हैं। ऐसे लोगों से बचने के लिए इस अभिनेता ने यह कहा कि चुनाव के समय जब ऐसे लोग कंबल, शराब या रूपये बांटते है तो उनसे वो सब ले लेकिन वोट ना दें और अपने घर चले जाएं क्योंकि ये नालायक लोग हैं जो बाद में देश के लोगों को परेशान करते हैं।

इस आंदोलन से जुड़े लोगों के लिए पर्दे से जुड़े कलाकार ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलने वाली है अपने जोश को आसानी से ठंडा होने ना दें। हम जिन्हें देश का नेता चुनकर कुर्सी पर बिठातें हैं वो 5 साल के अंदर ही अरबपती बन जाता है और देश की जनता वहीं की वहीं रह जाती है। ऐसे नेताओं के कारण ही देश में एक के बाद एक घोटाले होते हैं इतना ही नहीं पुलिस और सरकारी कर्मचारी भी इनके सताएं हुए हैं। इसका साक्षात उदाहरण किरण बेदी हैं, ये हमारे देश की असली नायिका हैं अपने कार्यकाल के दौरान इन्हें कई नेताओं ने परेशान किया सताया लेकिन किरण बेदी ने कभी हार नहीं मानी। हमें भी अंत तक मैदान पर डटे रहना है हार नहीं माननी है और लोकपाल बिल पास कराकर ही दम लेना है।

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