नेपाल में मनीषा का राजनैतिक इस्तेमाल
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मनीषा कोइराला अपने ही देश में राजनीति का शिकार हो रही हैं। दो दशक बाद अपने घर लौटीं मनीषा की नेपाली फिल्म 'धर्मा' शुक्रवार को प्रदर्शित हो गई लेकिन यह फिल्म उनके बेहतर अभिनय के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल साबित हो रही है। हालांकि मनीषा अभी भी इस फिल्म को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि वह फिल्म की सफलता की उम्मीद करती हैं।
मनीषा नेपाल के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला की पोती हैं। नेपाल के पूर्व मंत्री व राजनेता दुर्गा पोखरल ने अपने बेटे संजोग को फिल्मों में उतारने के लिए एक हद तक मनीषा का इस्तेमाल किया है। दुर्गा पोखरल इस फिल्म के निर्माता हैं। दीपेंद्र के खनाल के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजोग ने वन अधिकारी के छोटे भाई की भूमिका की है। फिल्म की कहानी बचकाना और किरदार हास्यास्पद नजर आते हैं।
'धर्मा' काठमांडू के सबसे अच्छे सिनेमाघरों में से एक कुमारी सहित 60 अन्य थियेटरों में भी प्रदर्शित हुई है। कुमारी में संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी व पूर्व विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय के अभिनय से सजी 'गुजारिश' भी चल रही है। मनीषा भी भंसाली की फिल्म 'खामोशी' में बधिर माता-पिता की बेटी की भूमिका निभा चुकी हैं। उन्हें इसमें अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर और स्टार पुरस्कार मिला था।
'बॉम्बे', 'मन' और 'कम्पनी' जैसी महत्वपूर्ण हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुकीं मनीषा के लिए 'धर्मा' में अभिनय का फैसला उनके अब तक के फिल्मी करियर का सबसे गलत निर्णय साबित हो रहा है। उनके साथ राजेश हमाल और एक्शन हीरो निखिल उप्रेति ने भी इसमें अभिनय किया है। मनीषा ने एक ईमानदार वन अधिकारी की पत्नी की भूमिका निभाई है, जिसकी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी, शिकार माफिया के साथ मिलकर हत्या कर देता है।


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