खुद की फिल्म नहीं देख सकते बाल कलाकार
शम्स ने कहा, "इस फिल्म को 'ए' प्रमाणपत्र दिया गया है। इसी वजह से मैं अपनी ही फिल्म अगले पांच साल तक नहीं देख पाऊंगा। आप उनसे कहिए कि इसे यूए प्रमाणपत्र दें ताकि मैं अपने माता-पिता के साथ यह फिल्म देख सकूं। वैसे, मैं यह फिल्म अपने दोस्तों के साथ देखना चाहता हूं।"
उसने कहा, "राष्ट्रीय पुरस्कार पाने की वजह से मेरे माता-पिता बहुत खुश हैं। मैं पढ़ाई में औसत हूं। इसलिए उन्हें लग रहा है कि कम से कम किसी दूसरे क्षेत्र में ही मैंने अपना नाम कमाया।" कारोबारी परिवार से संबंध रखने वाले शम्स ने कहा, "मुझे 'थैंक्स मां' फिल्म में काम मिला क्योंकि निर्देशक इरफान कमाल मेरे मामा हैं। उन्होंने मुझे कई अन्य बच्चों के साथ ऑडिशन में शामिल होने के लिए कहा था। मेरे पास अभिनय का अनुभव नहीं था। फिल्म में भूमिका मिलने के बाद मैंने कार्यशाला में हिस्सा लिया।"
फिल्म में झुग्गी के बच्चे की भूमिका निभाने वाले शम्स ने बताया कि उन्हें ऐसी जिंदगी के बारे में कुछ नहीं पता था। उसने कहा, "कार्यशाला में करीब 50 बच्चे झुग्गियों से आए थे। मैंने उनके बातचीत के तरीके को देखा। उनके कपड़ों और खान-पान को देखा। यह सब मेरे लिए एक अलग अनुभव था। इस तरह मैं फिल्म में बिल्कुल अलग नजर आया।"
डैनी बॉयल की 'स्लमडॉग मिलेनियर' के साथ तुलना करने पर रक्षात्मक होते हुए शम्स कहते हैं, "मैंने 'स्लमडॉग मिलेनियर' देखी है। 'थैंक्स मां' उससे बिल्कुल अलग है।" इस फिल्म में सलमान खान के प्रशंसक की भूमिका निभाने वाले शम्स वास्तविक जिंदगी में भी सलमान के प्रशंसक हैं। वह कहते हैं, "मैं सलमान खान का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। 'थैंक्स मां' के बाद मैं हर हाल में सलमान से मिलूंगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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