MSG के हीरो बने थे BJP के मैसेंजर, दिल्ली ने नकारा
फिल्म 'एमएसजी- दि मैसेंजर' को भले ही सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि देश के सिनेमाप्रेमी भी संत राम रहीम को हीरो मान लेंगे। हरियाणा, पंजाब व उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की राजनीति में दखल रखने वाले डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत राम रहीम का दिल्ली के विधानसभा चुनाव में जादू नहीं चल पाया।

जी हां, दिल्ली विधानसभा चुनाव में संत राम रहीम ने खुले तौर पर भाजपा को समर्थन दिया था। लेकिन चुनाव का नतीजा क्या है, यह तो सारे देश के सामने है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शानदार जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को बुरी हार का सामना करना पड़ा।
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सिर्फ समर्थन ही नहीं, बल्कि गुरमीत राम रहीम सिंह ने फिल्म मैसेंजर आफ गॉड के रिलीज होने से ठीक पहले दिल्ली के चुनाव में भाजपा को जीत दिलाना का भी वादा किया था। हरियाणा के विधानसभा चुनाव में डेरे ने भाजपा का समर्थन किया था और यहां पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आ गई। लिहाजा, यही देखते हुए दिल्ली के चुनाव में भी डेरे ने भाजपा को समर्थन देने का एलान कर दिया था।
डेरे के प्रवक्ता प्रदीप इंसा ने दिल्ली में 20 लाख अनुयायी होने और इनमें से करीब 12 लाख मतदाता होने का दावा करते हुए भाजपा के प्रति अपने राजनीतिक लगाव का संकेत दे दिया था, लेकिन जैसा कि हम सभी जानते हैं इसका कोई लाभ भाजपा को नहीं मिल सका।
आपको बता दें, डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के विरुद्ध कई मामले चल रहे हैं। वहीं, उनके निर्देशन में बनी फिल्म 'एमएसजी- दि मैसेंजर' 13 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है।


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