ज्यादातर निर्माता व्यापारी है: अनुराग
अनुराग कश्यप का नाम बॉलीवुड में अब किसी परिचय का मोहताज नहीं रहा। फिल्मों गुलाल और देव डी की सफलता के बाद अनुराग कश्यप का नाम नयी पीढ़ी के उन निर्देशकों में लिया जाने लगा है जिनके पास बॉलीवुड को देने के लिए नया बहुत कुछ है।
११वें मुंबई फिल्म महोत्सव के दौरान अनुराग कश्यप ने बॉलीवुड के चलताऊ मानकों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होने कहा कि देश के सिनेमा जगत का माहौल आज भी बेहद बंद है। देश में वास्तविक राजनीतिक चरित्रों और सेक्स पर केंद्रित फिल्में बनाना अभी भी बेहद मुश्किल है।
कश्यप का कहना है कि फिल्म डेथ ऑफ ए प्रेसिडेंट राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के जीवनकाल में ही बन गयी पर हम ऐसी फिल्म नहीं बना सकते जिस में चार आदमी राज ठाकरे को कोस रहे हों।
फिल्मकार अनुराग, मंदी को बॉलीवुड के लिए अच्छा मानते हैं। कश्यप कहते हैं "मंदी की वजह से बॉलीवुड अपने आकार में आ गया है। अतिरिक्त खर्च फिल्म निर्माण के वास्तविक खर्च से अधिक होते थे। मंदी के समय में अतिरिक्त खर्च को कम करने में मदद मिली है।"
उनका मानना है कि नए विचारों का खतरा उठा सकने वाले निर्माता बॉलीवुड में न के बराबर हैं। ज्यादातर निर्माता व्यापारी हैं जो अगर फिल्म में पैसा लगाते हैं तो उसकी वापसी चाहते हैं। इसलिए वे उन्ही फिल्मों में पैसा लगाते हैं जो बिक सकें।
कश्यप खुद हमेशा कम बजट की फिल्में बनाते हैं, शायद इसीलिए यूटीवी ने नौ फिल्मों के लिए उनके साथ करार किया है। कश्यप की आने वाली फिल्म 'उड़ान" की शूटिंग पूरी हो चुकी है।


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