यादें: मुस्कानों से सीख बांटते थे जसपाल भट्टी, जारी है सिखाने का सिलसिला
चंडीगढ़।जसपाल भट्टी कॉमेडी की दुनिया के वो नाम हैं जिनका हंसता चेहरा और परेशान बातें कोई नहीं भूल सकता। अपने व्यंग्य के ज़रिये लोगों को ज़िंदगी की छोटी छोटी बातों पर सीख देना उनका पेशा। ठीक चार साल पहले 25 अक्टूबर 2012 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई।

दुनिया छोड़ गए मशहूर व्यंग्यकार-अभिनेता जसपाल भट्टी आज भी औरों को प्रेरित कर रहे हैं। यह शायद पहला वाकया हो, जब एक दिवंगत हस्ती एक ब्रांड एंबेसडर बनाई गई है। अपने टेलीविजन कार्यक्रमों और नुक्कड़ नाटकों से लाखों लोगों को गुदगुदाने वाले जसपाल भट्टी को चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने लोगों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करने को एक बार फिर अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है।
भट्टी जी की पत्नी सविता भट्टी के चंडीगढ़ लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी (आप) का उम्मीदवार बनाए जाने पर पुलिस ने उनका नाम वापस ले लिया था। हालांकि, सविता ने एक सप्ताह के भीतर ही उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बावजूद पुलिस को भट्टी को फिर से अपना ब्रांड एंबेसडर बनाने में करीब छह माह लग गए।
उल्लेखनीय है कि 25 अक्टूबर, 2012 को जालंधर के करीब एक सड़क हादसे में भट्टी और पेशेवर जनसंपर्क कर्मी नवनीत जोशी की मौत हो गई थी। वे दोनों लग्जरी होंडा एकॉर्ड कार की पिछली सीट पर बैठे हुए थे और सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। कार भट्टी के बेटे जसराज चला रहे थे। इस हादसे में उनकी और उनके साथ आगे बैठे शख्स की जान बच गई। उन दोनों ने सीट बेल्ट लगा रखी थी।
सविता भट्टी ने कहा, भट्टी जी शायद दुनिया के पहले शख्स हैं, जो मौत के बाद एक नेक काम के लिए ब्रांड एंबेसडर बने हैं। यहां न होने के बावजूद वह दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं। वह एक आम इंसान थे और हमेशा नेक काम करने में आगे रहे।
चंडीगढ़ की ट्रैफिक पुलिस भी भट्टी को अपने ब्रांड एंबेसडर के रूप में वापस पाकर खुश है। उनकी मानें तो अगर एक मशहूर हस्ती द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों पर संदेश दिया जाता है, तो इससे बहुत फर्क पड़ता है और यह संदेश दूर तक पहुंचता है।


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