लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के 10 सदाबहार गीत
मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ये दोनों संगीत की दुनिया के वो दो नाम हैं जिनके गाने सुनकर लोग अपना हर गम भुला देते थे। आज से 25 साल पहले मोहम्मद रफी ने इस दुनिया से विदा ले ली और संगीत की दुनिया को अधूरा छोड़ गए। लेकिन आज भी रफी की आवाज़ और उनके गाने हर किसी को अज़ीज हैं। लता और रफी ने एक साथ कई यादगार गाने गाए और दोनों की आवाज़ उस समय की सबसे हिट आवाज़ थी।
रफी और लता को हर कोई अपनी फिल्म में लेना चाहता था क्योंकि इनकी जोड़ी जिस भी गाने को गाती वो गाना बॉक्स ऑफिस पर हिट होता। पाकीजा, तेरे घर के सामने, शागिर्द जैसी कई फिल्में हैं जिनमें लता और रफी की जोड़ी ने कमाल दिखाया। लेकिन 1962-63 में लता मंगेशकर ने रॉयेल्टी में गीतकारों के शेयर की बात की और रफी को भी उस समय के टॉप के सिंगर होने के चलते अपने साथ करने की कोशिश की। लता चाहती थीं कि रफी फिल्म निर्माताओं से हर पांच प्रतिशत गानों से मिलने वाले रॉयल्टी का आधा हिस्सा मांगे।
रफी ने इस बात से इंकार करते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ उतने ही पैसे चाहिए जितने वो अपने गाने के लिए मांगते हैं उससे ज्यादा उन्हें नहीं चाहिए। अगर उनके गाने से फिल्म हिट होती है तो फिल्ममेकर को पूरा हक है उसकी रॉयेल्टी से मिले पैसे रखने का। इस बात के बाद लता और रफी के बीच काफी कड़वाहट आ गई और फिर एक मीटिंग के दौरान जहां सभी बड़े गीतकार और संगीतकार मौजूद थे रफी ने कहा कि वो लता के साथ नहीं गाएंगे। लता ने भी गुस्से में आकर कहा "रफी साहब आप मेरे साथ नहीं गाएंगे ये गलत बात है मैं आपके साथ नहीं गाउंगी।"
इस झगड़े के बाद लता और रफी ने कई सालों तक साथ में कोई गाना नहीं गाया और फिर काफी समय बाद जयकिशन के कहने पर दोनों ने एक बार फिर से ज्वैल थीफ फिल्म का दिल पुकारे आरे आरे आरे गाना गाया और एक बार फिर से दोनों की जोड़ी हिट हो गई। दो दिन बाद लता मंगेशकर का 82वां जन्मदिन है। तो आइये लता के जन्मदिन के इस अवसर पर हम रफी और लता के सदाबहार गानों में से टॉप 10 गानों के बारे में बात करते हैं-


Click it and Unblock the Notifications











