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    ओम पुरी बने हैं 'खाप' के सरपंच

    By Staff
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    इज़्ज़त के नाम पर हत्याओं के मामले आजकल सुर्ख़ियों में बने हुए हैं. इसी मसले को लेकर निर्माता-निर्देशक अजय सिन्हा एक फ़िल्म बना रहे हैं जिसका नाम है 'खाप'.

    'खाप' उत्तर भारत की उन पंचायतों का नाम है जो जाति पर आधारित हैं. अभी हाल ही में कई मामलों में ऐसा भी हुआ है कि कुछ खाप पंचायतों ने इस तरह की हत्याओं का समर्थन किया है. इस फ़िल्म में ऐसी ही एक खाप पंचायत के सरपंच का रोल कर रहे हैं ओम पुरी.

    ओम पुरी अपने रोल के बारे में कहते हैं, "मेरा किरदार एक ऐसे आदमी का है जो इज़्ज़त के लिए की गई ऐसी हत्याओं के पक्ष में है लेकिन फ़िल्म ख़त्म होने तक उसमें एक बदलाव आता है."

    "ये एक बहुत ही चिंता का विषय है और आजकल ये बहुत चर्चा में है. लगभग हर हफ़्ते हम ऐसी ही हत्याओं के बारे में सुन रहे हैं जिसमें मासूम लोगों को मारा जा रहा है. मुझे उम्मीद है कि इस फ़िल्म से लोगों में इस विषय के बारे में जागरूकता आएगी."

    ओम पुरी का मानना है कि सिनेमा मनोरंजक होने के साथ-साथ बेहद प्रभावशाली भी हो सकता है. "मणि रत्नम की फ़िल्में गंभीर विषयों पर बनती हैं लेकिन उसमें गाने भी होते है. ऐसे ही इस फ़िल्म में भी आठ गाने हैं और ये एक प्रेम कहानी भी है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि दर्शकों को बांध सकें."

    "मैं फ़िल्म खाप के निर्माता-निर्देशक अजय सिन्हा की दाद देना चाहूंगा कि उन्होंने ऐसा विषय चुना. ये मुद्दा उन्हें भी बहुत कुरेदता है." ओम पुरी कहते हैं, "मेरी खाप पंचायतों से अपील है कि वो इस विषय के बारे में गहराई से सोचें. पूरी दुनिया सोचेगी कि हम दकियानूसी और अनपढ़ हैं. इस बारे में आधुनिक रूप से सोचा जाना चाहिए."

    फ़िल्म में ओम पुरी के अलावा युविका चौधरी, गोविंद नामदेव और मोहनीश बहल ने मुख्य किरदार निभाए हैं. फ़िल्म सितंबर में रिलीज़ की जाएगी.

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