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मैं रोमांस करुंगी तो कौन देखेगा फिल्म- जूही चावला!

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कयामत से कयामत तक, डर, इश्क, यस बॉस अगर इनकी फिल्मों की गिनती करने लगें तो ये लिस्ट लंबी होती ही चली जाएगी लेकिन इस लिस्ट से ज्यादा लंबी है इनकी खूबसूरती और इनकी हंसी के दीवानों की लिस्ट। हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड की खूबसूरतस, चुलबुली एक्ट्रेस जूही चावला की। जूही चावला की जोड़ी आमिर खान के साथ हो या फिर शाहरुख खान के साथ जूही सभी की जोड़ी सभी के साथ लोगों को भाती थी। जूही एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जो कि अपनी सादगी और अपनी प्यारी सी मुस्कुराहट को लेकर आज भी लोगों के जहन में समाई हैं। लेकिन वही जूही चावला इस शुक्रवार गुलाबी गैंग फिल्म में अपनी इमेज से बिल्कुल हटकर एक पॉलिटीशियन के किरदार में नज़र आएंगी वो भी बिल्कुल निगेटिव रुप में। जूही को खुद यकीन नहीं था कि वो इस किरदार को इतनी सहजता और खूबी के साथ निभा पाएंगी। लेकिन उन्होंने ये कर दिखाया। वनइंडिया के साथ हुए अपने इंटरव्यू के दौरान जूही ने कभी अपनी कॉंपीटीटर रही एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित के साथ शूटिंग के दौरान बनी बॉडिंग के बारे में और साथ ही इस निगेटिव किरदार को लेकर खुद के साथ हुए स्ट्रगल

के बारे में बात की। पेश हैं इंटरव्यू के कुछ अंश-

गुलाब गैंग में निगेटिव किरदार प्ले करने का जब आपको ऑफर मिला तो आपका क्या रिएक्शन था? कितना कॉफीडेंट थी आप इस किरदार को लेकर तब और अब?

जब सौमिक मेरे पास ये किरदार लेकर आए तो मेरा पहला रिएक्शन बिल्कुल निगेटिव था। मैंने कहा कि क्या आप पागल हो गये हैं मैं ये बिल्कुल नहीं करुंगी। मुझे लगा कि अगर वो मुझे ध्यान में रखकर फिर से ये किरदार लिखेंगे तो शायद कुछ नया और बेहतर होगा इसलिए मैंने उनसे कहा कि ये किरदार आपने मुझे ध्यान में रखकर नहीं लिखा है इसे फिर से मुझे ध्यान में रखकर लिखिये। लेकिन जब ये मेरे हिसाब से लिखा गया तो उसमें कुछ मजा ही नहीं रह गया। फिर मैंने इस किरदार को वैसे ही करने का फैसला किया जैसा कि ये पहले लिखा गया था और आज इसे इतनी सारी तारीफें मिल रही हैं।

एक निगेटिव पॉलिटीशियन के किरदार को निभाने के लिए आपने किस तरह से खुद को तैयार किया? क्या ये किरदार किन्हीं रियल लाइफ पॉलिटीशियन्स से

भी प्रेरित है?

मैंने इसके लिए थोड़ा बहुत रिसर्च किया। आज की पॉलिटीशियन्स किस तरह के कपड़े पहनती हैं, किस तरह से बर्ताव करती हैं, किस तरह से खुद को भीड़ में कैरी करती हैं उन सब बातों को ध्यान में रखकर इस रोल के लिए खुद को तैयार किया। खासतौर पर सुषमा स्वारज जी, ममता, सोनिया जी इन सभी के ड्रेसिंग और इनके लुक्स को देखकर मैंने इस किरदार को निभाने के लिए रैडी किया।

पॉलिटिक्स के बारे में आपकी क्या सोच है, क्या आपको रियल पॉलिटिक्स भी निगेटिव लगती है?

मैं पॉलिटिक्स के बारे में बहुत ही कम जानती हूं। पर मैं जितना भी पढ़ती हूं तो अक्सर निगेटिव ही सुनने में आता है। एक बार मैंने किसी फेमस राइटर का लिखा हुआ कमेंट पढ़ा था कि जब भी मैं पॉलिटिक्स ज्वाईन करने की सोचती हूं तो मेरे दोस्त जो कि पॉलिटीशियन हैं आकर कहते हैं कि तुम जाकर अपने ऊपर ठंडा पानी डालो और थोड़ा ठंडा हो जाो। इस तरह के जोक्स चलते रहते हैं कि अगर समाज के लिए कुछ करना है तो पॉलिटिक्स में ना जाओ और किसी और तरीके से समाज की मदद करो, तो मुझे समझ ही नहीं आता कि पॉलिटिक्स आखिर है क्या।

ऐसा सुनने में आया कि खुद को परदे पर इस निगेटिव किरादर में देखकर आपको बहुत ही हैरानी हुई, ऐसा क्यों?

जब मैं फिल्म के लिए शूट कर रही थी तब तो मुझे लगता था कि पता नहीं मैं क्या कर रही हूं, ये सही हो रहा है या नहीं। लेकिन फिर एक दिन सौमिक ने मुझे मैसेज किया कि मुझे बहुत खुशी है कि आपने ये किरदार निभाने के लिए हां कही। जब उन्होंने मुझे फिल्म दिखाई तो मुझे यकीन हुआ कि सच में ये जादू हुआ है।

आपको लगता है कि आपके और माधुरी के बीच पहले जो एक कॉम्पीटीशन था उसकी वजह से गुलाब गैंग ज्यादा सुर्खियों में है, और क्या आपको ऐसा नहीं लगा कि माधुरी का किरदार फिल्म में ज्यादा इंपोर्टेंट है?

आपको लगता है कि आपके और माधुरी के बीच पहले जो एक कॉम्पीटीशन था उसकी वजह से गुलाब गैंग ज्यादा सुर्खियों में है, और क्या आपको ऐसा नहीं लगा कि माधुरी का किरदार फिल्म में ज्यादा इंपोर्टेंट है?

मुझे लगता है कि जो कुछ भी पहले हुआ था उसकी वजह से आज इस फिल्म को इतनी पब्लिसिटी मिल रही है। अगर आज माधुरी के साथ मेरी जगह कोई और एक्ट्रेस होती तो शायद फिल्म को इतना प्रमोशन नहीं मिलता लोग इसे देखने को इतना उत्सुक ना होते। माधुरी फिल्म में सबकुछ करती दिखेंगी। वो हीरो हैं फिल्म की जैसा कि अमिताभ अपनी फिल्मों में होते थे। वो डांस भी करेंगी, फाइट भी करेंगी, सबकुछ करती दिखेंगी। लेकिन जब तक मेरा किरदार नहीं आएगा तब तक फिल्म में वो मजा नहीं आएगा। मैं गुलाब गैंग में नमक मिर्ची यानी मसाला की तरह हूं, बिना मसाले के फिल्म में मजा नहीं है।

आप जो कि अपने खूबसूरत और चुलबुले किरदारों की वजह से काफी मशहूर रही हैं, तो आपके लिए इस निगिटिवटी में खुद को ढालने में ढालना कितना मुश्किल था?

आप जो कि अपने खूबसूरत और चुलबुले किरदारों की वजह से काफी मशहूर रही हैं, तो आपके लिए इस निगिटिवटी में खुद को ढालने में ढालना कितना मुश्किल था?

पहले दिन मुझे ये एहसास हो रहा था कि क्या मैं ये सही कर रही हूं या नहीं। मुझे एक से दो दिन लगे इस किरदार में खुद को ढालने के लिए। गुलाब गैंग की
शूटिंग दो तरह से हुई। पहले तो मेरे और माधुरी के सारे सीन्स शूट कर लिये गये। और उसके बाद मेरे सीन्स शूट किये गये। कई बार तो मेरे दिमाग में शूटिंग के दौरान आता कि पॉलिटीशियन्स की तरह ही एक्टिंग करो, जैसा कि वो करते हैं, और फिर अक्सर मैं वही करने की कोशिश करती जैसा कि सौमिक मुझे बोलते थे। सौमिक ने मुझे बहुत मदद की इस निगेटिव किरदार में ढलने में। उन्होंने मुझे एक बहुत ही प्यारी बात बताई कि अगर गुस्सा आए तो उसे चिल्लाकर बोल देना आसान है, लेकिन अगर उसी गुस्से को चबाकर बोलो तो उसका अपना अलग मजा है। इसके चलते मुझे इस किरदार को निभाने में काफी मजा आया।

गुलाब गैंग से पहले आपने कई सारे सपोर्टिव किरदारो वाली फिल्में की हैं, लेकिन बतौर लीड एक्ट्रेस सिर्फ गुलाब गैंग। क्या इसके अलावा और भी लीड एक्ट्रेस फिल्म के ऑफर आए थे?

गुलाब गैंग से पहले आपने कई सारे सपोर्टिव किरदारो वाली फिल्में की हैं, लेकिन बतौर लीड एक्ट्रेस सिर्फ गुलाब गैंग। क्या इसके अलावा और भी लीड एक्ट्रेस फिल्म के ऑफर आए थे?

(हंसते हुए) अगर मैं रोमासं करने लगी तो कौन फिल्म देखने आएगा। आप ही सोचिये अगर मैं और माधुरी कोई लव ट्राइँगल वाली फिल्म करें और एक दूसरे के साथ हीरो के साथ डांस करें तो कैसा लगेगा। सोचकर ही अजीब लगता है। इसलिए मैं सपोर्टिंग किरदार निभा रही थी। गुलाब गैंग जैसी फिल्में बहुत ही कम आती हैं, उसमें भी गुलाब गैंग में मैं सिर्फ नमक मिर्ची जैसी ही हूं, पूरी फिल्म माधुरी दीक्षित पर ही बेस्ड है।

माधुरी के साथ पहले और अब मुलाकात में कितना फर्क आया है?

माधुरी के साथ पहले और अब मुलाकात में कितना फर्क आया है?

पहले तो मैं उनको सिर्फ हाय हैलो जितना ही जानती थी। हम सिर्फ ईवेंट् वगैरह पर ही मिलते रहे हैं। अगर आप नॉर्मल मिलने की बात करें तो ये सिर्फ गुलाब गैंग के दौरान ही हुआ है।

अपने समय में आपने ऑफबीट फिल्में करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई, जबकि आजकल इन ऑफबीट फिल्मों की बाढ़ सी आई हुई है जिसमें हर कोई गोता लगाना चाहता है?

अपने समय में आपने ऑफबीट फिल्में करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई, जबकि आजकल इन ऑफबीट फिल्मों की बाढ़ सी आई हुई है जिसमें हर कोई गोता लगाना चाहता है?

वो सब कमर्शियल और खुशी से भरी फिल्में थीं, मुझे उस समय काफी ऑफबीट फिल्में भी ऑफर हुई थीं। लेकिन तब मैंने उन फिल्मों को मना कर दिया था, क्योंकि मैं अपने घाघरा डांस और रोमांस में ही खुश थी। माई ब्रदर निखिल करते समय तो मुझे बिना किसी ओवर मेकअप के ही कैमरे के सामने खड़ा कर दिया जाता था और साथ ही ये भी कहा जाता था कि मैडम प्लीज एक्टिंग मत करिये, सिर्फ डायलॉग बोल दीजिए। तब तो मैं काफी हैरान होती थी। आज इस तरह की फिल्मों का ही समय है, आज एक्ट्रेसेस भी इस तरह की फिल्मों में ज्यादा इंटरेस्टेड होती हैं। काफी बदल गयी है इंडस्ट्री।

माधुरी की कोई ऐसी फिल्म जो आपको इतनी पसंद है कि आप उसका हिस्सा बनने की इच्छा रखती हैं?

माधुरी की कोई ऐसी फिल्म जो आपको इतनी पसंद है कि आप उसका हिस्सा बनने की इच्छा रखती हैं?

माधुरी दीक्षित की हम आपके हैं कौन फिल्म मुझे बहुत पसंद है। उस फिल्म को देखने के बाद मुझे यही लगा कि आखिर मुझे ऐसी फिल्में क्यों ऑफर नहीं होतीं। हम आपके हैं कौन में माधुरी ने बहुत ही बेहतरीन काम किया था साथ ही फिल्म भी इतनी खूबसूरत और इमोशनल थी कि मुझे आज भी उस फिल्म का हिस्सा बनने का मन करता है।

English summary
Juhi Chawla says when she was first offered this movie her reaction was totally negative. She asked Soumik is he gone mad. But after that when she shot for the movie she enjoyed a lot.
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