शायद रवि किशन को भी लगने लगा है कि वो जौनपुर से हार जायेंगे?
वैसे तो अपनी रैलियों और जनसभाओं में कांग्रेस उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन काफी बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन शायद खुद उन्हें ही अपनी जीत का भरोसा नहीं हैं तभी तो वो कहते फिर रहे हैं कि जौनपुर में जमीनी प्रचार अभियान की जरूरत है, जिसका पूरा अभाव है , हालांकि उन्होंने खुलकर तो कुछ नहीं कहा है लेकिन उनकी बातें इशारा करती हैं कि उन्हें भी लगने लगा है कि उनकी जौनपुर में राह आसान नहीं है।
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हालांकि रवि किशन की इस बात को जौनपुर के लिए कांग्रेस के चुनाव प्रभारी वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्र इस बात को खारिज करते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस जौनपुर में सबसेआगे चल रही है, और उनका उम्मीदवार चुनाव जीत रहा है।
और स्थानीय नेताओं का भी यही कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने रवि किशन को इसी सोच के साथ टिकट दिया है कि वह मौजूदा परिस्थिति में पार्टी को जीत दिला देंगे, लेकिन स्थानीय मीडिया की नजर में "जौनपुर में मुख्य लड़ाई बसपा के उम्मीदवार सुभाष पांडे, भाजपा उम्मीदवार के.पी. सिंह और सपा उम्मीदवार पारसनाथ यादव के बीच है।"
हालांकि रवि किशन का चुनाव अभियान फिल्मी अंदाज में चल रहा है, लोग उन्हें देखने और सुनने के लिए आ रहे हैं लेकिन कहीं ना कहीं उन्हें ही लग रहा है कि कहीं कोई कमी है। देखते हैं कि 16 मई के नतीजे रवि किशन के लिए क्या संदेश लेकर आते हैं?
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