बादल फटने से खो गया मेरा लेह : प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका ने यहां एक साक्षात्कार में कहा, "जब मैं लेह में थी तब कक्षा चार में पढ़ती थी। मेरे भाई का तब जन्म ही हुआ था। मेरे पिता सेना में थे और उनकी तैनाती वहां थी। मैं एक साल तक लेह में रही थी और मेरी उस स्थान से जुड़ी बहुत सी यादें हैं।" लेह में बिताए बचपन के दिनों की यादों में खोईं प्रियंका कहती हैं, "मेरी लेह से जुड़ी अद्भुत यादें हैं। वहां हम सभी सेना में कार्यरत लोगों के बच्चे थे। हम घरों में नहीं रहते थे, हम घाटी के सेना के बंकरों में रहते थे और वहां एक पहाड़ की चोटी पर एक स्तूप था।.. हम नंगे पांव दौड़ते हुए उस स्तूप पर चढ़ जाया करते थे। उसके बाद हम बाजार जाते थे।"
देखें : किससे डरती हैं प्रियंका?
छह अगस्त को बादल फटने की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, "हम स्तूप की चोटी तक पहुंच जाते थे और वह भी नंगे पांव। फिर हम बाजार जाते थे लेकिन आज मैंने टीवी पर देखा वहां केवल समतल भूमि थी, यह विनाशकारी है।"अट्ठाईस वर्षीय प्रियंका कुछ साल पहले 2005 में आई विपुल शाह की फिल्म वक्त- द रेस अगेंस्ट टाइम के एक गीत की शूटिंग के लिए घाटी पहुंची थीं।
वह कहती हैं, "मैं अपनी फिल्म वक्त के गीत सुबह होगी की शूटिंग के लिए कुछ साल पहले लेह गई थी। उस समय मैं उस जगह पर गई थी जहां मैं पहले रहती थी और जहां वह बाजार था। लेह में मेरी बहुत सी यादें हैं। यह आपदा अविश्वसनीय और दुखद है।"अब प्रियंका लेह की इस आपदा में बर्बाद हुए लोगों के लिए काम करने वाले संगठनों की मदद का प्रयास कर रही हैं और इसके अलावा उन्होंने ट्विटर पर उनसे जुड़े 500,000 से ज्यादा प्रशंसकों से भी मदद के लिए कहा है।


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