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बोलो राम का हीरो है चुप

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Bolo Ram
बीते ज़माने की फ़िल्म अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरी इस सप्ताह रिलीज़ हो रही फ़िल्म 'बोलो राम' में दिखेंगी. ये फ़िल्म मां और बेटे के रिश्ते पर आधारित है. मां-बेटे एक दूसरे पर जान छिड़कते हैं लेकिन अचानक कुछ ऐसा हो जाता है कि बेटा मां की हत्या कर देता है. और उसके बाद वो ख़ामोश हो जाता है. फ़िल्म में हर कोई - उसका परिवार, पुलिस और दोस्त उसका मुँह खुलवाने की कोशिश करता रहता है.

पद्मिनी कोल्हापुरी कहती हैं कि ये एक दिलचस्प फ़िल्म है. उन्होंने बीबीसी को बताया, “हांलाकि मैंने कभी किसी हीरो की मां का रोल नहीं किया है लेकिन मेरा लड़का ख़ुद 21 साल का है इसलिए में इस किरदार को सहजता से निभा पाई."

फ़िल्मी पर्दे से अरसे तक ग़ायब रहने की वजह बताते हुए पद्मिनी कोल्हापुरी कहतीं हैं कि उन्हें मसाला फ़िल्मों में काम करने का ज़्यादा शौक नहीं था, हांलाकि उन्होंने ऐसी फ़िल्में की हैं लेकिन वो हमेशा ऐसा करते रहने की पक्षधर बिल्कुल नहीं थीं.

कोल्हापुरी हिंदी फ़िल्मों में पेशेवर व्यवहार से हैरान हैं, वो कहती हैं, “हमारे ज़माने में तो पूरी स्क्रिप्ट कभी देखने को नहीं मिलती थी. हर रोज़ सीन मिलते थे. अब सब कुछ पहले से ही तैयार रहता है. सारी स्क्रिप्ट और हर किरदार की रुपरेखा पहले से ही तय रहती है. ये एक बड़ा और पेशवर परिवर्तन है." इस फ़िल्म में नवोदित अभिनेता ऋषि भुटानी और दिशा पांडे के अलावा नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी और गोविंद नामदेव जैसे मंजे हुए कलाकार भी हैं.

हत्या

फ़िल्म में प्रमुख किरदार निभा रहे अभिनेता ऋषि कहते हैं कि पूरी फ़िल्म में सभी लोग ये जानने के लिए बेताब रहते हैं कि आख़िर राम ने अपनी मां की हत्या क्यों की. ऋषि की ये पहली फ़िल्म है और वो कहते हैं कि इस फ़िल्म का कुछ भी हो वो अब बॉलीवुड में जमे रहना चाहते हैं.

ऋषि कहते हैं कि बोलो राम एक नए अभिनेता के लिए एक चुनौतीभरा रोल है लेकिन उन्हें यक़ीन है कि उन्होंने राम के किरदार के साथ न्याय किया है. फ़िल्म की अभिनेत्री दिशा पांडे की भी ये पहली फ़िल्म है. वो बचपन से ही ख़ुद सिनेमा के पर्दे पर देखना चाहतीं थीं.

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