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    2010 में बॉलीवुड के विवाद

    By Neha Nautiyal
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    हर साल की तरह इस साल भी फ़िल्म इंडस्ट्री विवादों से अछूती नहीं रही. साल की शुरुआत में ही करण जौहर निर्देशित और शाहरुख़-काजोल अभिनीत फ़िल्म 'माइ नेम इज़ ख़ान' को लेकर ख़ासा हंगामा हुआ.

    ये हंगामा फ़िल्म की विषय-वस्तु को लेकर नहीं बल्कि शाहरुख़ द्वारा दिए एक कथित विवादास्पद बयान पर पनपा. दरअसल शाहरुख़ ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के तीसरे संस्करण में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल किए जाने की हिमायत की थी और कहा था कि उनका ना खेलना दुर्भाग्यपूर्ण है. शाहरुख़ के ढाका में हुए एक शो के बाद उन पर अश्लीलता फ़ैलाने के आरोप लगाए गए.

    इस पर शिवसेना ने शाहरुख़ के बयान को भारत विरोधी करार देते हुए मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में माइ नेम इज़ ख़ान के बहिष्कार का एलान कर दिया था. शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कई सिनेमाघरों में तोड़फ़ोड़ भी की. शाहरुख ने इस पर सफ़ाई देते हुए कहा, "हमारा संविधान सबको बोलने की आज़ादी देता है. मैंने भी सिर्फ़ अपनी राय रखी. किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था. मैंने किसी समुदाय के ख़िलाफ़ तो कुछ कहा नहीं."

    आख़िरकार शिवसेना ने फ़िल्म को लेकर अपना विरोध वापस ले लिया. साल की शुरुआत शाहरुख़ ख़ान से जुड़े विवाद से हई तो साल के ख़त्म होते-होते उनके साथ एक विवाद और जुड़ गया. 10 दिसंबर को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शाहरुख़ ख़ान के शो पर कुछ लोगों ने उंगलियां उठाईं. दरअसल शो के दौरान शाहरुख़ ख़ान ने जो पोशाक पहनी उसे भद्दी कहा गया और उन पर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया गया.

    आमिर के 'पीपली लाइव' की निर्देशक अनुषा रिज़वी के साथ विवाद की ख़बरें सामने आईं. ढाका के एक स्थानीय अख़बार ने तो उन्हें 'अश्लीलता का बादशाह' कह दिया. इसके बाद शाहरुख़ ख़ान ने कहा, "अलग-अलग जगहों पर लोगों को अलग-अलग बातों पर आपत्ति होती है. अगर किसी को जाने-अनजाने तक़लीफ़ पहुंची हो तो मैं माफ़ी मांग लेता हूं. मैं बेहद पारिवारिक आदमी हूं और मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ ग़लत किया."

    फ़िल्म इंडस्ट्री के एक और कद्दावर ख़ान, आमिर ख़ान भी विवाद से बच नहीं पाए. बतौर निर्माता उनकी फ़िल्म 'पीपली लाइव' ने फ़िल्म समीक्षकों के साथ-साथ लोगों की भी ख़ूब वाहवाही पाई और हिट साबित हुई. फ़िल्म को ऑस्कर के लिए भारत की तरफ़ से भेजे जाने का ऐलान भी कर दिया गया.

    लेकिन अचानक ऐसी ख़बरें आने लगीं कि पीपली लाइव की निर्देशक अनुषा रिज़वी निर्माता आमिर ख़ान के हस्तक्षेप से ख़ुश नहीं है और उन्होंने ऑस्कर में फ़िल्म का प्रचार ना करने का फ़ैसला कर लिया. दीपिका की रणबीर पर की गई टिप्पणी से रणबीर के पिता ऋषि कपूर नाराज़ हुए. अनुषा ने आमिर के बारे में तो कुछ नहीं कहा लेकिन ऑस्कर के बारे में कहा कि, "मैंने भारतीय लोगों के लिए पीपली लाइव बनाई. ऑस्कर अमेरिका के राष्ट्रीय पुरस्कारों से ज़्यादा कुछ नहीं है. ये फ़िल्म मैंने ऑस्कर के लिए नहीं बनाई."

    आमिर ख़ान ने इस बारे में कहा, "मैं अनुषा की टिप्पणी पर कुछ नहीं कह सकता, लेकिन एक निर्माता के तौर पर मेरी जो ज़िम्मेदारी है वो मैंने पूरी तरह से निभाई है और आगे भी निभाता रहूंगा. अनुषा ने इतनी अच्छी फ़िल्म बनाई है और मेरी ये कोशिश है कि पीपली लाइव ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे." मशहूर निर्माता निर्देशक करण जौहर अपने मशहूर टीवी शो कॉफी विद करण के तीसरे संस्करण के साथ आए और इस शो ने शुरु होते ही कई विवादों को जन्म दे दिया.

    सोनम कपूर ने भी रणबीर कपूर पर कथित विवादास्पद टिप्पणी की. इसके एक एपिसोड में दीपिका पादुकोण और सोनम कपूर एक साथ आईं और उन्होंने अभिनेता रणबीर कपूर के बारे में कई ऐसी बातें कहीं जो मीडिया की सुर्खियां बनीं. दीपिका पादुकोण ने तो यहां तक कहा कि रणबीर को कंडोम का विज्ञापन करना चाहिए क्योंकि वो इसका इस्तेमाल बहुत ज़्यादा करते हैं.

    सोनम कपूर ने कहा, "रणबीर एक दोस्त के तौर पर तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन एक ब्वॉयफ़्रेंड के तौर पर नहीं." बाद में रणबीर के पिता अभिनेता ऋषि कपूर ने दोनों अभिनेत्रियों की इन टिप्पणियों पर सख़्त एतराज़ जताया था.

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